Varanasi: संसद में महिला आरक्षण बिल पास न होने के बाद इसका असर अब सड़कों पर भी दिखने लगा है। वाराणसी में महिला परिषद के बैनर तले बड़ी संख्या में महिलाओं ने कांग्रेस, सपा समेत विरोधी दलों के खिलाफ बेनकाब मार्च निकाला। इस दौरान महिलाओं ने राहुल गांधी का पुतला फूंका और विरोधी दलों पर नारी शक्ति का अपमान करने का आरोप लगाया। महिलाओं का यह मार्च सुभाष मंदिर से शुरू होकर मुंशी प्रेमचंद स्मृति द्वार, लमही (Varanasi) तक निकाला गया। प्रदर्शन में शामिल महिलाएं हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर नारेबाजी करती रहीं। कई पोस्टरों पर लिखा था कि महिला आरक्षण नहीं मिलेगा तो रोटी-पानी बंद होगा।

Varanasi: पतियों को दी चेतावनी
प्रदर्शन (Varanasi) में शामिल महिलाओं ने कहा कि जो लोग महिला विरोधी दलों का साथ देंगे, उनके खिलाफ घर-घर आंदोलन होगा। कुछ महिलाओं ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर पति ऐसे दलों से संबंध रखेंगे तो घर में किचन हड़ताल कर दी जाएगी और चाय-पानी तक बंद रहेगा।

महिला परिषद का नेतृत्व कर रहीं बीएचयू की इतिहास विभाग की प्रोफेसर डॉ. मृदुला जायसवाल ने कहा कि संसद में महिलाओं का अपमान हुआ है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है, जब भी नारी का अपमान हुआ है, उसका जवाब मिला है। महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने की लड़ाई अब सड़क से संसद तक चलेगी।

वहीं महिला परिषद की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. नजमा परवीन ने कहा कि कुछ दल नहीं चाहते कि साधारण महिलाएं संसद और विधानसभा तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि परिवारवाद की राजनीति करने वाले लोग महिलाओं को बराबरी का मौका नहीं देना चाहते।

प्रदर्शन (Varanasi) के अंत में महिलाओं ने राहुल गांधी का पुतला फूंका और महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाले दलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने कहा कि यह सिर्फ राजनीति का मुद्दा नहीं, बल्कि सम्मान और अधिकार की लड़ाई है।

