Varanasi: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से वाराणसी समेत पूर्वांचल में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को वाराणसी में भारी से बहुत भारी वर्षा, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।
इसके चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है। बेमौसम बारिश से खेतों में तैयार धान की फसल और खुले में रखी उपज को नुकसान पहुंचने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, 30 अक्टूबर को भी बादल छाए रहने और वर्षा होने की संभावना है।
धान की फसल को सबसे अधिक खतराइस समय varanasi और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में धान की कटाई और मड़ाई का काम चल रहा है। ऐसे में बारिश होने पर खेतों में कटी पड़ी धान की फसल भीग सकती है। पानी भरने से दानों का रंग खराब होने, नमी बढ़ने और उपज की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है। तेज हवाओं के साथ बारिश होने पर खेतों में खड़ी तैयार फसल भी गिर सकती है।
Varanasi: गेहूं, सरसों और आलू की बुवाई पर असर
धान के बाद खेत तैयार कर रहे किसानों के लिए भी यह मौसम चुनौती बन सकता है। खेतों में अधिक नमी और जलभराव होने से गेहूं की बुवाई में देरी हो सकती है। वहीं, सरसों और आलू की हाल में बोई गई फसलों (varanasi) में पानी भरने पर बीज सड़ने तथा पौधों के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। चना, मटर और मसूर जैसी दलहनी फसलों की बुवाई भी प्रभावित हो सकती है।
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किसान कटी हुई धान की फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढक दें। खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था बनाए रखें तथा मौसम (Varanasi) साफ होने तक अनावश्यक सिंचाई और छिड़काव से बचें। तेज हवा, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खेतों में काम न करें। किसानों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए।

