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Mystery of Pishachamochan Kund : पिशाचमोचन कुंड अतृप्त आत्माओं का ठिकाना, क्या है पीपल के पेड़ में ठोंके गए असंख्य सिक्के और कील का रहस्य?…जानकर हो जायेंगे दंग!

by Kajal Seth
September 30, 2023
in वाराणसी, स्पेशल स्टोरी
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Mystery of Pishachamochan Kund
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Mystery of Pishachamochan Kund : पितरों का पक्ष पितृपक्ष आज से शुरू गया और 15 दिनों के इस पितृपक्ष में लोग अपने पितरों का तर्पण करने लगे हैं। इस दौरान काशी के पिशाचमोचन कुंड पर भी श्रद्धालुओं की चहलकदमी बढ़ गयी है। काशी को मृत्यु के लिए तो ख़ास माना ही जाता है लेकिन काशी के पिशाचमोचन कुंड (Mystery of Pishachamochan Kund) पर लोग अपने परिजनों के आत्मा की शांति के लिए विशेष अनुष्ठान करते हैं।

Mystery of Pishachamochan Kund

Highlights

  • आइये जानते हैं सिक्के और कील के पीछे की पूरी कहानी
  • अतृप्त आत्माओं की साक्षी का ठिकाना
  • पेड़ (Mystery of Pishachamochan Kund) में सिक्के या कील गाड़ने का विधान
  • तीर्थ पुरोहित सौरभ दीक्षित ने बतायी ये बात
  • अकाल मृत्यु के नाम पर भी लगाया जाता है सिक्का
  • श्राद्धकर्म के समय तामसिक भोजन से रहें दूर

कर्मकांड (Mystery of Pishachamochan Kund) के लिए अजीबो गरीब विधान श्रद्धालुओं के लिए आश्चर्य से कम नहीं हैं। पिशाचमोचन कुंड (Mystery of Pishachamochan Kund) का ये पीपल पेड़ इस मान्यता का साक्षी है कि पेड़ में ठोंके गए असंख्य सिक्के और कील किसी न किसी अतृप्त आत्मा का ठिकाना है।

Mystery of Pishachamochan Kund

आइये जानते हैं सिक्के और कील के पीछे की पूरी कहानी

देश का इकलौता शहर जहां अकाल मृत्यु और अतृप्त आत्माओं की शांति के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध होता है। पीपल के पेड़ पर सिक्का रखकर पितरों का उधार चुकाया जाता है। पिशाचमोचन कुंड के पीपल के पेड़ से भी कई मान्यताएं जुड़ी हैं।

Mystery of Pishachamochan Kund

अतृप्त आत्माओं की साक्षी का ठिकाना

पिशाचमोचन कुंड का अतृप्त आत्माओं की साक्षी का ठिकाना तो है ही इसके साथ ही यहाँ इस पेड़ पर मृत व्यक्ति की तस्वीर और उनके किसी न किसी प्रतीक चिह्न जैसे मृत व्यक्ति के कपड़े, उनके नाम का घड़ा आदि इस बात का साबुत देते हैं। ऐसा माना जाता है कि अकाल मृत्यु से मरने वालों के लिए पिशाचमोचन पर ही मुक्ति का द्वार खुलता है। यहां देश-विदेश से लोग अपने पितरों का तर्पण करने के लिए आते हैं, ताकि पितर सभी बाधाओं से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त कर सकें और यजमान भी पितृ ऋण से मुक्त हो सकें। वहीं यहां पितरों के तर्पण से बैकुंठ के द्वार भी खुलते हैं।

Mystery of Pishachamochan Kund

पेड़ (Mystery of Pishachamochan Kund) में सिक्के या कील गाड़ने का विधान

पेड़ में सिक्के या कील गाड़ने का विधान 12 महीने का होता है, लेकिन पितृ पक्ष के 15 दिन बेहद खास माने जाते हैं। ये पक्ष पितृ लोक में रहने वाले पितरों और प्रेत योनियों में भटकती आत्माओं का मुक्ति द्वार माना गया है। गया में पितरों का श्राद्ध होता है। लेकिन, पिशाचमोचन में पितरों के अलावा घात प्रतिघात और अकाल मृत्यु में मारे गए ज्ञात अज्ञात आत्माओं के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध होता है। इस पक्ष में किया गया श्राद्ध आत्माओं को मोक्ष दिलाता है।

Mystery of Pishachamochan Kund

तीर्थ पुरोहित सौरभ दीक्षित ने बतायी ये बात

इसके बारे में बताते हुए पिशाचमोचन के तीर्थ पुरोहित सौरभ दीक्षित ने बताया कि पितृपक्ष जो पित्तरों के श्राद्ध और तर्पण के लिए माना जाता है और पिशाचमोचन (Mystery of Pishachamochan Kund) वरदानी तीर्थ माना जाता है और गंगा अवतरण के पहले ही काशी के पिशाचमोचन कुंड की उत्पत्ति मानी जाती है। यहाँ सबसे पहले ब्रम्ह राक्षस को ही मुक्ति मिली थी तब से यह माना जाता है कि यहाँ आने वाले लोगों को पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

Mystery of Pishachamochan Kund

अकाल मृत्यु के नाम पर भी लगाया जाता है सिक्का

इसके साथ ही उन्होंने पेड़ में लगाये गये सिक्के और कील के महत्त्व के बारे में बताया कि ये इसीलिए लगाया जाता है कि श्रद्धालुओं को ध्यान रहें कि हमारे पितृ यहाँ पर हैं। वहीं कुछ लोगों का यह भी मानना है कि प्रेत बाधाओं से दूर रहने के लिए ये निवारण किया जाता है। इसके साथ ही अकाल मृत्यु के नाम से भी यहाँ सिक्के और किल पेड़ पर लगाये जाते हैं।

Mystery of Pishachamochan Kund

श्राद्धकर्म के समय तामसिक भोजन से रहें दूर

पितरों की प्रसन्नता के लिए 15 दिन तक बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए। इससे धन की हानि होती है। श्राद्ध पक्ष में तामसिक भोजन से पूरी तरह परहेज रखना चाहिए और सात्विक भोजन करें। ब्रह्म पुराण के अनुसार पितृपक्ष में पंचबलि करने से पितृदोष का निवारण होता है। पंचबलि के लिए सबसे पहला ग्रास (भोजन) गाय, दूसरा ग्रास कुत्ता, तीसरा ग्रास कौआ के लिए निकाला जाता है। इसके बाद चौथा ग्रास देव बलि होता है, जिसे जल में प्रवाहित किया जाता है अथवा गाय को देते हैं। पांचवा ग्रास चीटियों के लिए रखना चाहिए।

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तो हमने बताई आपको काशी के पिशाचमोचन कुंड (Mystery of Pishachamochan Kund) से जुडी सभी बात और यहाँ पर लगाये जाने वाले सिक्कों और किलो से जुड़े पुरे रहस्य के बारे में। आशा करते हैं कि आपको लेख पसंद आया होगा।

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