Varanasi: गंगा में पिछले करीब 55 दिनों से नौका संचालन पर रोक के कारण नाविक समाज के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। लंबे समय से नावें बंद होने के कारण नाविकों की दैनिक आय पूरी तरह प्रभावित हो गई है। नाविक समाज का कहना है कि नौका संचालन ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है और लगातार नाव बंद रहने से परिवार के भरण-पोषण में मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
नाविकों के मुताबिक गंगा (Varanasi) में नौका संचालन शुरू कराने की अनुमति को लेकर कई बार जल पुलिस के अधिकारियों से वार्ता और बैठक की गई। इसके बावजूद अभी तक नौका संचालन की अनुमति नहीं मिल सकी है। नाविक समाज ने प्रशासन से मांग की है कि गंगा का जलस्तर और परिस्थितियां अनुकूल होने पर सुरक्षा मानकों के साथ जल्द से जल्द नौका संचालन की अनुमति दी जाए।

Varanasi नाव बंद होने से दैनिक कमाई प्रभावित
नाविक समाज के लोगों का कहना है कि अधिकांश नाविक प्रतिदिन नाव चलाकर होने वाली आय से अपने परिवार का खर्च चलाते हैं। (Varanasi) नौका संचालन बंद होने के कारण उनकी रोजाना की कमाई रुक गई है। इसका असर बच्चों की पढ़ाई, घर के खर्च और राशन सहित अन्य जरूरी जरूरतों पर पड़ रहा है।

नाविकों का कहना है कि गंगा (Varanasi) में नाव चलने पर देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु नौका विहार करते हैं। इसी से नाविकों को प्रतिदिन आय होती है। करीब दो महीने से अधिक समय से नाव बंद होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है।
गरीब नाविकों की मदद का प्रयास
नाविक समाज (Varanasi) से जुड़े शंभू साहनी ने बताया कि समाज में कई ऐसे नाविक हैं, जिनके पास आय का कोई दूसरा साधन नहीं है। कुछ लोग प्रतिदिन मजदूरी करके परिवार के लिए राशन और अन्य जरूरी सामान जुटाते हैं। ऐसे परिवारों के सामने लंबे समय तक नौका संचालन बंद रहने से गंभीर रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।

उन्होंने बताया कि नाविक समाज के स्तर पर जरूरतमंद और गरीब नाविक परिवारों की मदद करने का प्रयास किया जा रहा है। (Varanasi) सक्षम नाविकों और समाज के लोगों की ओर से समय-समय पर जरूरतमंद परिवारों को अनाज और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाती है, ताकि उनके परिवारों का किसी तरह गुजारा हो सके।

शंभू साहनी ने कहा कि समाज की ओर से अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद नाविकों की मदद की जा रही है, लेकिन यह व्यवस्था लंबे समय तक नहीं चल सकती। प्रशासन को भी नाविक समाज की आर्थिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए और परिस्थितियां सामान्य होने पर जल्द से जल्द (Varanasi) नौका संचालन शुरू कराने की दिशा में निर्णय लेना चाहिए।
सुरक्षा मानकों के साथ संचालन की मांग
नाविक समाज (Varanasi) ने कहा कि उनकी मांग किसी भी सुरक्षा नियम के खिलाफ नहीं है। यदि प्रशासन की ओर से सुरक्षा को लेकर कोई दिशा-निर्देश तय किए जाते हैं तो नाविक उनका पालन करने के लिए तैयार हैं। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जीवनरक्षक जैकेट सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ नौका संचालन शुरू कराया जा सकता है।

नाविकों ने कहा कि गंगा (Varanasi) का जलस्तर कम होने और परिस्थितियों में सुधार के बाद अब प्रशासन को नौका संचालन की अनुमति देने पर विचार करना चाहिए। इससे एक ओर पर्यटकों और श्रद्धालुओं को नौका विहार की सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर हजारों नाविक परिवारों की आजीविका भी फिर से पटरी पर लौट सकेगी।
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नाविक समाज ने (Varanasi) प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि लंबे समय तक नाव बंद रहने से आर्थिक संकट बढ़ता जा रहा है। यदि शीघ्र नौका संचालन शुरू नहीं हुआ तो नाविक परिवारों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
