Varanasi कचहरी में शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में अधिवक्ताओं ने प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। वकीलों ने शव पर अगरबत्ती जलाई और पूरे न्यायालय परिसर में घुमाते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जिस दिन वह इस्तीफा देंगे, उस दिन उनकी तेरहवीं भी की जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लगाए। वकीलों (Varanasi) का आरोप है कि वोट चोरी और SIR को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। इसी के विरोध में उन्होंने यह प्रदर्शन किया।
राहुल राज बोले- जनता के सवालों का जवाब दें
अधिवक्ता राहुल राज ने कहा कि देश में लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर से उनकी चिंताओं पर जवाब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार सामने आकर देश की जनता को संबोधित करें और SIR प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब दें।
राहुल राज ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए लाखों लोगों के वोट प्रभावित हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यह सब किसके कहने पर हुआ। ये आरोप प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं (Varanasi) की ओर से लगाए गए हैं।
Varanasi: अधिवक्ताओं ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने अपनी मांगें गिनाते हुए कहा कि उनकी लड़ाई चुनाव प्रक्रिया में बदलाव और कथित अनियमितताओं के विरोध को लेकर है। अधिवक्ताओं (Varanasi) ने तीन प्रमुख मांगें रखीं:
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
- देश में चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं।
- SIR प्रक्रिया तत्काल रद्द की जाए।
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अधिवक्ता राहुल राज ने कहा कि प्रतीकात्मक शवयात्रा के जरिए उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने दोहराया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने (Varanasi) कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के बाद अधिवक्ता उनकी तेरहवीं करेंगे। प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारे और रखी गई मांगें अधिवक्ताओं के विरोध का हिस्सा थीं। SIR को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।

