Chaubepur: स्थानीय कस्बे के रामलीला मैदान के समीप इस बार दुर्गा पूजा का भव्य पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगा। करीब 60 फीट ऊंचा पंडाल 12 ज्योतिर्लिंगों के होंगे दर्शन स्वरूप में तैयार किया जा रहा है। लगभग आठ लाख रुपये की लागत से बन रहे पंडाल में मां दुर्गा और महिषासुर की प्रतिमाएं स्थापित होंगी। खास आकर्षण मां दुर्गा की स्वचालित प्रतिमा होगी, जिसका निर्माण चौबेपुर में ही किया जा रहा है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन होंगे।

मूर्तिकार रमापति राम (Chaubepur) ने बताया कि मां दुर्गा की स्वचालित प्रतिमा को अंतिम रूप देने के लिए दिन-रात मेहनत की जा रही है। प्रतिमा को विशेष तरीके से तैयार किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुरुषों और महिलाओं के प्रवेश व निकास के लिए अलग-अलग गेट बनाए जा रहे हैं। पंडाल निर्माण का काम तेजी से चल रहा है।
1988 में 6500 रुपये से शुरू हुई पूजा
चौबेपुर (Chaubepur) में दुर्गा पूजा की परंपरा वर्ष 1988 में महज 6500 रुपये से शुरू हुई थी। समिति के पहले अध्यक्ष राजू बरनवाल रहे। इसके बाद अशोक चौरसिया, दद्दन गिरि, मनोज चौरसिया, धर्मवीर गुप्ता, दिलीप सोनी और रविशंकर जायसवाल अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्तमान में आकाश गुप्ता समिति के अध्यक्ष हैं।पूजा समिति के संस्थापक सदस्यों में स्वर्गीय डॉ. अरविंद चौबे, विनोद चतुर्वेदी, अनिल जायसवाल, स्वर्गीय रमेश गुप्ता, उमा मोदनवाल, संतोष जायसवाल और शंकर विश्वकर्मा समेत अन्य सदस्य शामिल रहे।

सदस्य खुद तैयार करते हैं पंडाल
प्रियदर्शनी मां दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष आकाश गुप्ता ने बताया कि इस बार दशरथ मौर्या, राकेश सोनकर (Chaubepur) गोल्डी, रविंदर शर्मा समेत समिति के सदस्य दिन-रात पंडाल निर्माण में जुटे हैं। समिति के सदस्य वर्षों से स्वयं ही पूजा पंडाल तैयार करते आ रहे हैं। नवरात्र और दशहरा के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं।
ये भी पढ़े:- परिवार के पास गांव लौट रहे अभिजीत दीपके(CJP)
इस बार आठ लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहा 60 फीट ऊंचा मंदिरनुमा पंडाल, स्वचालित प्रतिमा और 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेंगे।
