Kaushambi: पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाके इतने जोरदार थे कि उनकी आवाज करीब 2 से 3 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के बाद लगातार पटाखों के धमाके होते रहे और देखते ही देखते इलाके में धुएं का गुबार छा गया।

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री के आसपास बने कई मकान धराशायी हो गए, जबकि बड़ी संख्या में लोग मलबे (Kaushambi) में दब गए। अलग-अलग सूचनाओं में 8 से अधिक लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन की ओर से मृतकों की अंतिम संख्या की पुष्टि नहीं की गई है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
Kaushambi: धमाके से कई मकान हुए धराशायी
बताया जा रहा है कि बस्ती के बीच एक मकान में पटाखा फैक्ट्री संचालित हो रही थी। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई मकानों को भारी नुकसान पहुंचा। कुछ रिपोर्टों में 15 से अधिक मकानों के धराशायी होने की बात कही गई है।

धमाके (Kaushambi) की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मकानों की ईंट और मलबा करीब 250 मीटर दूर रेलवे पुल तक जा पहुंचा। कई घरों के शीशे भी टूट गए। अचानक हुए धमाकों से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल आए।
मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू
धमाकों के कारण घटनास्थल पर पहुंचना भी शुरुआत में बेहद मुश्किल रहा। लगातार पटाखों के फटने के कारण ग्रामीणों और बचावकर्मियों (Kaushambi) को सावधानी से आगे बढ़ना पड़ा। इसके बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड, प्रशासन और बचाव दल ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया।
अब तक 22 लोगों को रेस्क्यू किए जाने की जानकारी सामने आई है। घायलों को इलाज के लिए प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल समेत विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया है। मलबे में अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान जारी है।
दो मासूम भाई-बहन की भी मौत
प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में लाए गए घायलों में 5 वर्षीय प्राजंली और 13 वर्षीय प्रवीण की मौत की पुष्टि हुई है। दोनों भाई-बहन बताए जा रहे हैं। उनकी मां सविता भी गंभीर रूप से घायल हैं। इसके अलावा कई घायलों (Kaushambi) का उपचार चल रहा है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
ग्रामीणों ने चारपाई पर पहुंचाए झुलसे लोग
विस्फोट के बाद घटनास्थल पर भयावह दृश्य देखने को मिले। झुलसे और घायल लोगों को स्थानीय ग्रामीण (Kaushambi) चारपाई के सहारे सुरक्षित स्थानों तक ले जाते नजर आए। चारों तरफ मलबा, धुआं और क्षतिग्रस्त मकानों के बीच परिजन अपनों की तलाश करते रहे।

एक बच्ची के भी मलबे में दबे होने की सूचना सामने आई। करीब 15 मिनट बाद वह किसी तरह बाहर निकली, लेकिन उसके दो छोटे भाइयों और माता-पिता का पता नहीं चल रहा था।
क्या अवैध थी पटाखा फैक्ट्री?
हादसे के बाद फैक्ट्री के संचालन को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री संचालक आदिल की फैक्ट्री का लाइसेंस करीब दो साल पहले निरस्त हो चुका था। यह भी बताया जा रहा है कि पूर्व में भारी मात्रा में पटाखे बरामद होने के मामले में आदिल को जेल भेजा गया था।
यदि ये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो आबादी के बीच पटाखा फैक्ट्री के संचालन और प्रशासनिक निगरानी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े होंगे।
मौके पर एयरफोर्स की टीम भी अभियान में जुटी
घटना की गंभीरता को देखते हुए कौशांबी (Kaushambi) और प्रयागराज के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन के साथ फायर ब्रिगेड की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं। एयरफोर्स के जवानों को भी रेस्क्यू अभियान में लगाया गया है।

डीएम और एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। घायलों के बेहतर उपचार के लिए अस्पतालों को अलर्ट किया गया है।
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डीएम अमित पाल ने इस घटना को लेकर कहा है कि फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। विस्फोट (Kaushambi) की वास्तविक वजह और फैक्ट्री के संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।

