मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नाम बदलने का अहम फैसला लिया है। जिसमे उन्होंने देशभर के राजभवनों के नाम बदला कर अब ‘लोकभवन’ कर दिया हैं, इसके साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय को ‘सेवा तीर्थ’ के नाम से बदल दिया गया हैं।
वहीं केंद्रीय सचिवालय का नाम भी बदलकर ‘कर्तव्य भवन’ कर दिया गया है। ऐसे में न्यूज एजेंसी PTI ने सरकार के सूत्रों के हवाले से मंगलवार को यह जानकारी दी। इस दौरान प्रधा मंत्री कार्यालय ने कहा कि’सार्वजनिक संस्थानों में बड़ा बदलाव हो रहा है। सत्ता से सेवा की ओर बढ़ रहे हैं। ये बदलाव प्रशासनिक नहीं, सांस्कृतिक है।

2016 में भी बदला गया था नाम
हालांकि इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, इससे पहले केंद्र सरकार ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया था। पीएम का आधिकारिक निवास भी रेस कोर्स रोड कहलाता था, जिसे 2016 में बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया गया था।
क्यों बदला गया राज भवन का नाम?
इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल राज्यपालों के सम्मेलन में हुई एक चर्चा का हवाला देते हुए कहा कि राज भवन नाम औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है। इसलिए राज्यपालों और उप-राज्यपालों के कार्यालयों को अब लोक भवन और लोक निवास के नाम से जाना जाएगा।

साउथ ब्लॉक से शिफ्ट होगा PMO
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दफ्तर (PMO) अब 78 साल पुराने साउथ ब्लॉक से निकलकर ‘सेवा तीर्थ’ नाम वाले नए एडवांस कैंपस में शिफ्ट होने जा रहा है। जिसमें यह बदलाव सेंट्रल विस्टा री डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का बड़ा हिस्सा मन जा रहा है।
वहीं 14 अक्टूबर को कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन सेवा तीर्थ-2 में सेना प्रमुखों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर चुके हैं।

