Sonbhadra जिला के थाना चोपन के पुलिस को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। झपट्टामार गैंग के 3 शातिर अभियुक्तों को बुधवार की देर रात जाल बिछा कर गिरफ्तारी हुए है। वहीं उनके पास से 18 मोबाईल फ़ोन, नकदी व महिला वेशभूषा बरामद हुआ है। हांलाकि जांच में पता चल है कि चोरी के माल को बिहार में बेचने की योजना बनाई थी।
झपट्टामार गिरोह का पर्दाफाश
दरअसल, सोनभद्र पुलिस (Sonbhadra) अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर कुमार मिश्रा के नेतृत्व में थाना चोपन पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गयी है। जिसके अंतर्गत इस सक्रीय झपट्टामार गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। वहीं बुधवार रात को थाना चोपन पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि तेलगुड़वा क्षेत्र में पूर्व में हुई झपट्टामारी में संलिप्त अभियुक्त पुनः झपट्टामारी की योजना बना रहे हैं।
घेराबंदी कर किया गिरफ्तार
सूचना पर थाना चोपन एवं चौकी डाला पुलिस (Sonbhadra) टीम द्वारा तेलगुड़वा चौराहे से आगे शौचालय के पास सड़क किनारे जंगल में घेराबंदी की गई। मोबाइल टॉर्च की रोशनी में कुछ संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए, जो पुलिस को देखकर भागने लगे। घेराबंदी कर 03 अभियुक्तों को मौके से गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए।
पांच अभियुक्त फरार
वहीं अभियुक्तों की पहचान अटल घसिया (25) पुत्र राजकुमार घसिया, निवासी चुर्क मोड़, थाना रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र, रोहित विश्वकर्मा (26) पुत्र राजेश विश्वकर्मा, निवासी थाना नगसर, गाजीपुर और धनंजय सिंह (18) उर्फ तूफान सिंह पुत्र लोहा सिंह, निवासी थाना कोन, सोनभद्र (Sonbhadra) के रूप में हुई है। साथ ही फरार अभियुक्तों के नाम सोनू, शिवकुमार, विकास यादव, कृष्णा सिंह, पिंटू घसिया हैं ये सभी सोनभद्र जनपद के निवासी हैं।
पुलिस (Sonbhadra) पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि गिरोह का एक सदस्य सोनू महिला का वेश धारण कर सड़क पर वाहन चालकों को रोकता था तथा उन्हें जंगल की ओर ले जाता था। जिसके बाद गिरोह के लोग मिल कर राहगीरों से मोबाइल व नकदी की झपट्टामारी की जाती थी। झपट्टामारी के पश्चात मोबाइल फोन बिहार ले जाकर कम दामों में बेच दिए जाते थे, और प्राप्त धनराशि आपस में बांट ली जाती थी।

