वाराणसी की कैंट थाना पुलिस और एसओजी टीम ने IPL सट्टेबाजी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पिछले कई महीनों से वाराणसी को आधार बनाकर देश के विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन सट्टेबाजी का संचालन कर रहा था। मामले में महाराष्ट्र निवासी ‘मलिक’ नामक व्यक्ति का नाम सामने आया है, जिसे पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
डेढ़ लाख लोगों तक फैला था नेटवर्क
मामले का खुलासा करते हुए अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) अलोक प्रियदर्शी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि टकटकपुर क्षेत्र के एक मकान से IPL फाइनल समेत विभिन्न मैचों पर बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी कराई जा रही है। सूचना के आधार पर छापेमारी कर 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि देशभर के करीब डेढ़ लाख लोग इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे और ऑनलाइन माध्यम से सट्टा लगा रहे थे। पुलिस के अनुसार आरोपी विभिन्न राज्यों में बैठे लोगों को जोड़कर सट्टेबाजी का कारोबार संचालित कर रहे थे।
हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए होता था लेनदेन
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह से जुड़े लोग हवाला और डिजिटल माध्यमों से धन का लेनदेन करते थे। मुख्य आरोपियों में शामिल रितेश दिवाकर शुक्ला पर आरोप है कि उसने हवाला के जरिए प्राप्त धन से लखनऊ में करीब 75 लाख रुपये मूल्य की जमीन खरीदी थी।
पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले लगभग 10 महीनों से वाराणसी में रहकर इस नेटवर्क (IPL) का संचालन कर रहे थे। छापेमारी के दौरान उनके कब्जे से 17 मोबाइल फोन, 10 लैपटॉप और एक क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट बरामद किया गया है।
एक महीने में IPL में 200 करोड़ रुपये का सट्टा
जांच में सामने आया है कि केवल पिछले एक महीने के दौरान ही करीब 200 करोड़ रुपये का सट्टा लगाया गया। पुलिस का दावा है कि इस कारोबार से गिरोह को लगभग 1.75 करोड़ रुपये का कमीशन प्राप्त हुआ, जिसे सदस्यों के बीच बांटा गया।
अधिकारियों के मुताबिक, डेढ़ लाख लोगों के माध्यम से लगभग 20 करोड़ रुपये की सक्रिय सट्टेबाजी कराई गई, जिस पर आरोपियों को छह प्रतिशत तक कमीशन मिलता था।
सोशल मीडिया और टेलीग्राम के जरिए फंसाते थे लोग
पुलिस के अनुसार गिरोह ऑनलाइन बेटिंग साइटों और टेलीग्राम समूहों के माध्यम से लोगों को सट्टा खेलने के लिए प्रेरित करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूब चैनलों के जरिए प्रचार-प्रसार कर नए लोगों को जोड़ा जाता था। कथित तौर पर आकर्षक विज्ञापनों और वीडियो के माध्यम से लोगों को अधिक कमाई का लालच दिया जाता था।
महाराष्ट्र में हुई थी ‘मलिक’ से मुलाकात
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपी पूर्वांचल से जुड़े हुए हैं, लेकिन इन सभी की मुलाकात महाराष्ट्र में ‘मलिक’ नामक व्यक्ति से हुई थी। आरोप है कि उसी ने इन लोगों को इस नेटवर्क (IPL) से जोड़ा और अधिक कमाई का लालच देकर ऑनलाइन सट्टेबाजी के कारोबार में उतारा।
गिरफ्तार आरोपियों में रितेश दिवाकर शुक्ला, रवि यादव, अर्पित तिवारी, अमन सिंह, विकास पटेल, जिया-उल-हक, सचिन सिंह, गौरव चौहान, देवेश चौहान, अनिकेत कुमार, अमित तिवारी, सौरभ चौहान और राहुल मौर्य शामिल हैं।
वाराणसी को बनाया था संचालन केंद्र
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पूर्वांचल से जुड़ाव होने के कारण वाराणसी को अपने नेटवर्क का संचालन केंद्र बनाया था। यहां से न केवल IPL बल्कि अन्य क्रिकेट मैचों और विभिन्न खेल आयोजनों पर भी ऑनलाइन सट्टेबाजी कराई जाती थी।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क (IPL) की वित्तीय गतिविधियों, हवाला कनेक्शन, डिजिटल लेनदेन और कथित मास्टरमाइंड ‘मलिक’ की भूमिका की गहन जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।

