Rathyatra Mela: राजातालाब में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा मेले (Rathyatra Mela) से पहले पुल के नीचे और आसपास के मुख्य मार्गों पर अवैध अतिक्रमण स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि पुल के नीचे और चौकी-थाने के बीच सड़क किनारे सैकड़ों की संख्या में ठेला-पटरी लगने से आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। रथयात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन समय-समय पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाता है, लेकिन यह कार्रवाई केवल औपचारिक बनकर रह जाती है। कुछ ही समय बाद ठेला-पटरी लगाने वाले दोबारा उसी स्थान पर कब्जा कर लेते हैं। इससे सड़क संकरी हो जाती है और वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी भारी परेशानी (Rathyatra Mela) का सामना करना पड़ता है।

क्षेत्रवासियों का आरोप है कि यदि कोई व्यक्ति सड़क खाली करने या ठेला हटाने की बात कहता है तो कुछ लोग झगड़ा और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे दबंग प्रवृत्ति के लोगों के कारण आम नागरिक विरोध करने से भी कतराते हैं।
भीषण जाम और अप्रिय घटना की आशंका
स्थानीय लोगों का कहना है कि रथयात्रा मेले (Rathyatra Mela) के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। यदि समय रहते पुल के नीचे और मुख्य मार्गों से अवैध अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो भीषण जाम, अव्यवस्था और किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। आपातकालीन सेवाओं और पुलिस-प्रशासन के वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है।

क्षेत्र के नागरिकों ने पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि रथयात्रा मेले से पहले विशेष अभियान चलाकर पुल के नीचे और आसपास के सभी अवैध अतिक्रमण को स्थायी रूप से हटाया जाए। साथ ही, बार-बार सड़क पर कब्जा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई (Rathyatra Mela) की जाए, ताकि विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।


