Sonbhadra: नगर के व्यस्ततम क्षेत्र स्वर्ण जयंती चौक पर बुधवार को जर्जर विद्युत खंभों को बदलने का कार्य जारी रहा। पुराने और क्षतिग्रस्त खंभों की जगह नए खंभे लगाए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि इस दौरान विभागीय (Sonbhadra) कार्यप्रणाली में गंभीर लापरवाही भी देखने को मिली। मौके पर कार्यरत विद्युत कर्मी बिना सेफ्टी बेल्ट और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के ऊंचाई पर काम करते नजर आए। कई कर्मचारियों ने हेलमेट तक नहीं पहन रखा था, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों की नजरें लगातार इस असुरक्षित कार्यप्रणाली पर टिकी रहीं, लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं दिखे। ऐसे में कार्य की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्न उठ रहे हैं।
Sonbhadra: विद्युत कार्य में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य
गौरतलब है कि ऊंचाई पर विद्युत कार्य अत्यंत जोखिम भरा होता है। ऐसे कार्यों के लिए सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट, ग्लव्स सहित अन्य सुरक्षा उपकरण अनिवार्य माने जाते हैं। इसके बावजूद कर्मियों को बिना सुरक्षा साधनों के काम करते देख विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
आए दिन असुरक्षित तरीके से कार्य करने के दौरान दुर्घटनाओं (Sonbhadra) की खबरें सामने आती रहती हैं। यदि इस तरह की लापरवाही जारी रही और कोई हादसा हो गया, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी-विभाग, अधिकारी या संबंधित ठेकेदार की? बिजली कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर ऊंचाई पर बिना किसी पर्याप्त सुरक्षा सहारे के काम कर रहे हैं, जबकि विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सुरक्षा सुविधाएं मौके पर दिखाई नहीं दीं।
ऐसे में आवश्यक है कि संबंधित विभाग तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

