गाजीपुर जनपद के सादात क्षेत्र के टांडा गांव के होनहार युवा शुभम सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 2025 की प्रतिष्ठित परीक्षा में ऑल इंडिया 21वीं रैंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जनपद गाजीपुर का नाम रोशन किया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है और लोगों में गर्व का माहौल है।
शुभम सिंह एक शिक्षित और प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता डॉ. विजय प्रताप सिंह मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता मंजू सिंह हैं। शुभम मूल रूप से ग्राम टांडा, जनपद गाजीपुर के निवासी हैं। बचपन से ही मेधावी रहे शुभम ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC में शानदार सफलता हासिल की है।
UPSC:बचपन से ही मेधावी
शुभम सिंह की पत्नी डॉ. संजना सिंह एमबीबीएस व एमडी (गायनोलॉजिस्ट) हैं और चिकित्सा क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उनके ससुर डॉ. उपेंद्र नाथ सिंह वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक हैं, जबकि सास मंजू सिंह एक विद्यालय में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं। उनका परिवार ग्राम औड़िहार-परसनी, जनपद गाजीपुर का निवासी है।
बताया जाता है कि शुभम सिंह का परिवार शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनके व्यक्तित्व और सोच पर भी पड़ा। यही कारण है कि उन्होंने समाज और देश की सेवा के उद्देश्य से प्रशासनिक सेवा को अपना लक्ष्य बनाया और कड़ी मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया।
वर्तमान में शुभम सिंह भारत सरकार (UPSC ) के मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स में निदेशक पद पर कार्यरत हैं। साथ ही वे महुआबाग निवासी समाजसेवी शैलेंद्र सिंह के बहनोई भी हैं। उनकी इस उपलब्धि की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई। क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

