Varanasi: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर चौबेपुर क्षेत्र की होनहार एथलेटिक्स खिलाड़ी रंजना यादव संघर्ष और सफलता की मिसाल बनकर सामने आई हैं। महज 16 वर्ष की उम्र में रंजना ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में तीन बार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार पदक जीतकर प्रदेश और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।रंजना यादव इंटरमीडिएट कक्षा 12 की छात्रा हैं।
Varanasi: अन्य बहनें भी एथलेटिक्स में शामिल
उनके पिता राजकुमार यादव गुजरात में रहकर ट्रक चलाते हैं और कड़ी मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में पांच बहनें और एक भाई हैं। रंजना की बहन बंदना यादव समेत दो अन्य बहनें भी एथलेटिक्स में अपना हाथ आजमा रही हैं, जबकि दो बहनों की शादी हो चुकी है। भाई दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रहा है। वर्ष 2024 में मां के निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन रंजना ने हिम्मत नहीं हारी। मां की यादों को दिल में संजोए उन्होंने (Varanasi) अपने खेल को ही अपना संबल बनाया और मैदान में लगातार मेहनत करती रहीं।
महिला दिवस के मौके पर रंजना यादव की यह कहानी बताती है कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद अगर हौसला और मेहनत हो तो बेटियां भी देश और समाज का नाम रोशन कर सकती हैं। चौबेपुर की यह बेटी आज क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है।

