Sonbhadra: जिले के राबर्ट्सगंज शहर में शनिवार को गणगौर पर्व धूमधाम और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गणगौर की शाही शोभायात्रा निकाली गई, जिससे पूरे शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल छा गया।

श्री राणी सती दादी भक्त महिला मंडल व मारवाड़ी युवा मंच सोन महिला शाखा द्वारा गणगौर पर्व के तहत नवविवाहित महिलाओं ने 16 दिनों तक विधिवत पूजन किया। सुबह से ही महिलाओं (Sonbhadra) ने पारंपरिक वेशभूषा में तैयार होकर ईसर-गणगौर की प्रतिमाओं का श्रृंगार किया। उन्होंने जल, पुष्प, रोली और मेहंदी अर्पित कर विधि-विधान से पूजा संपन्न की। शहर के राम सरोवर तालाब पर पूजा का आयोजन हुआ, जहां महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीत गाए और भजन-कीर्तन किए।

Sonbhadra: 10 गणगौर की शोभायात्राएं निकली
शनिवार को घरों से कुल 10 गणगौर की शोभायात्राएं ढोल-नगाड़ों और डीजे, बैंड-बाजों के साथ निकाली गईं। ये शोभायात्राएं राबर्ट्सगंज (Sonbhadra) के शीतला मंदिर से राम सरोवर तालाब तक पहुंचीं। इस दौरान राजपूती और पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं मंगल गीत गाते हुए शामिल हुईं, जिससे आयोजन में सांस्कृतिक रंग घुल गया। शोभायात्रा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

अध्यक्ष रितु जालान ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। यही कारण है कि इस पर्व को सौभाग्य और दांपत्य सुख का प्रतीक माना जाता है। इस दिन पूजा करने से अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

इस मौके पर युवतियों ने अच्छे वर की कामना की, जबकि विवाहित महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखा। इस मौके (Sonbhadra) पर अध्यक्ष रितु जालान, कोषाध्यक्ष दीप्ती केडिया, सचिव रंजना अग्रवाल, श्री रानी सती दादी भक्त मंडल महिला शाखा की अध्यक्ष अनीता थर्ड, कोषाध्यक्ष मीरा जालान, सचिव पूनम खेतान समेत मारवाड़ी महिलाएँ मौजूद रही।
