Rising Temperature: काशी सहित पूर्वांचल के अन्य जनपदों में गर्मी ने अप्रैल महीने में ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित होने लगा है। मंगलवार को वाराणसी का अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। आमतौर पर मई और जून में पड़ने वाली भीषण गर्मी इस बार समय से पहले ही महसूस की जा रही है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है।

दिन चढ़ते ही धूप की तपिश इतनी तेज हो जा रही है कि लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। बाजारों और सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा देखने को मिल रहा है। तेज धूप और गर्म हवा के कारण लोगों के शरीर में जलन और थकान की समस्या भी बढ़ने लगी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और दिहाड़ी मजदूरों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
Rising Temperature: पछुआ हवा बढ़ा रही गर्मी का असर
काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित भू-भौतिकी विभाग के प्रसिद्ध मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव के अनुसार पछुआ हवा के प्रभाव से तापमान (Rising Temperature) में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि पछुआ हवा की गति कम होने के बावजूद वातावरण में गर्मी बनी हुई है और आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है। वर्तमान समय में लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवा चल रही है, जो गर्मी के असर को और बढ़ा रही है।
अगले सप्ताह 42 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार यदि मौसम की स्थिति इसी प्रकार बनी रही, तो अगले सप्ताह तक तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। फिलहाल किसी सक्रिय मौसम (Rising Temperature) प्रणाली के अभाव में बारिश की कोई संभावना नहीं दिखाई दे रही है। इससे गर्मी का असर और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि तेज धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के व सूती कपड़े पहनें। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

