Varanasi: स्मार्ट/प्रीपेड मीटर के नाम पर हो रहा उत्पीड़न अब पूरे प्रदेश में फैलता नजर आ रहा है। उपभोक्ताओं (Varanasi) को बार-बार रिचार्ज, गलत बिलिंग और तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आम लोग परेशान हैं। इसी मुद्दे को लेकर महानगर एवं जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को सिगरा स्थित अभियंता (वितरण) कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के तहत सुबह करीब 11 बजे सिगरा पेट्रोल पंप के पास बाल गंगाधर तिलक की प्रतिमा पर कार्यकर्ता जुटे।

जहाँ माल्यार्पण और संकल्प के बाद सभी लोग जुलूस के रूप में बिजली विभाग कार्यालय (Varanasi) पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
स्मार्ट मीटर को बताया ‘जनविरोधी’ फैसला
प्रदर्शन (Varanasi) के बाद जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल और महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने संयुक्त बयान में आरोप लगाया कि स्मार्ट/प्रीपेड मीटर के जरिए आम जनता का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना सहमति के पुराने मीटर हटाकर जबरन प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे गरीब, किसान और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। नेताओं का कहना था कि इस नई व्यवस्था में लगातार तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
कई जगह गलत बिलिंग और रिचार्ज से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं, जिनका समय पर समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निजी कंपनियों (Varanasi) को फायदा पहुंचाने के लिए यह नीति लागू की जा रही है, जबकि आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
Varanasi: ये रखीं प्रमुख मांगें
- जबरन लगाए गए प्रीपेड/स्मार्ट मीटर हटाए जाएं
- नई कनेक्शन में प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म हो
- पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो
नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द इस व्यवस्था को वापस नहीं लिया तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर बड़ा जनआंदोलन करेगी। साथ ही वाराणसी (Varanasi) की जनता से भी अपील की गई कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएं।

