Sonbhadra: गर्मी की शुरुआत के साथ ही जनपद में पेयजल संकट गहराने लगा है। पानी की समस्या को लेकर जनता में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है, जिसका असर अब जनप्रतिनिधियों पर भी साफ नजर आने लगा है। इसी कड़ी में सदर विधायक भूपेश चौबे कलेक्ट्रेट स्थित अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति) रोहित कुमार यादव के कार्यालय पहुंच गए और अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई।
बता दें कि जनपद (Sonbhadra) में प्रतिदिन लगभग 22 करोड़ लीटर पानी की आवश्यकता है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते मात्र 40 प्रतिशत घरों तक ही पानी पहुंच पा रहा है। इस पर उन्होंने एडीएम समेत संबंधित अधिकारियों (Sonbhadra) को कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए।स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोन ब्लॉक क्षेत्र में एक बूंद पानी तक नहीं पहुंच पा रहा है।
वहीं नगवां और चतरा ब्लॉक के कई गांवों में आज भी ‘हर घर जल’ योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल सका है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 नवंबर 2020 को सोनभद्र के धंधरौल बाँध के पास से आयोजित कार्यक्रम में 3212.18 करोड़ रुपये की 14 परियोजनाओं का शुभारंभ किया था। इस योजना का उद्देश्य विंध्य क्षेत्र के ग्रामीण (Sonbhadra) इलाकों तक शुद्ध पेयजल पाइपलाइन के माध्यम से पहुंचाना था। हालांकि, लगभग 6 वर्ष बीत जाने के बावजूद योजना अब तक पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर पाई है।
Sonbhadra: हर घर तक स्वच्छ पेयजल
विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना के तहत सोनभद्र के 1,389 गांवों के 12 लाख 50 हजार से अधिक लोग लाभाविन्त करने का लक्ष्य है। हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित है, लेकिन कुछ अधिकारियों (Sonbhadra) की लापरवाही के कारण कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पा रही है।
उन्होंने सभी ब्लॉक अधिकारियों (Sonbhadra) के साथ बैठक कर व्यवस्था में सुधार लाने और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। पेयजल संकट के बीच अब प्रशासन पर जनता की निगाहें टिकी हैं कि आखिर कब हर घर तक पानी पहुंचेगा और लोगों को इस समस्या से राहत मिलेगी।
अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) रोहित कुमार यादव ने बताया कि कई परियोजनाएं लगभग 80 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी हैं, जबकि दो योजनाएं पूरी तरह तैयार हैं। शेष कार्य तेजी से जारी है और अगले 5 महीनों में अधिकतर घरों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में काम प्रगति पर है, ऐसे में लापरवाही या मिलीभगत के आरोप उचित नहीं हैं।

