Bhadohi: जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं एवं सस्ते लोन का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय त्यागी ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि इस गिरोह (Bhadohi) द्वारा अब तक 10 करोड़ रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड को अंजाम दिए जाने की आशंका है। गिरफ्तार अभियुक्तों के मोबाइल फोन से 200 से अधिक बैंक खातों का विवरण प्राप्त हुआ है, जिनके विरुद्ध देशभर में 500 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं।
ऐसे खुला मामला
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के निवासी अमन कुमार बिंद ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि लोन की आवश्यकता होने पर कुछ युवकों ने उसे सरकारी योजना के तहत लोन दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने उसके तथा उसकी बहन के नाम पर बैंक खाते खुलवाए और एटीएम कार्ड, पासबुक व मोबाइल सिम अपने कब्जे में ले लिए। बाद में जब पीड़ित को संदेह हुआ और उसने अपना सामान वापस मांगा, तो आरोपियों ने न केवल देने से इंकार किया बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी।
Bhadohi: ठगी का तरीका
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ग्रामीण और कम जागरूक लोगों को निशाना बनाता था। उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाकर एटीएम कार्ड, पासबुक एवं लिंक मोबाइल नंबर अपने पास रख लेते थे। इन खातों का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी के लिए किया जाता था। अभियुक्त व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के माध्यम से अपने नेटवर्क से जुड़े रहते थे तथा निवेश, ऑनलाइन शॉपिंग और क्रेडिट कार्ड के नाम पर लोगों को ठगते थे। कई मामलों में मोबाइल में मालवेयर एपीके फाइल भेजकर भी धोखाधड़ी की जाती थी।
पेट्रोल पंप के जरिए निकासी
पूछताछ में यह भी सामने आया कि ठगी की रकम को निकालने के लिए आरोपी (Bhadohi) पेट्रोल पंप की स्वाइप मशीन का उपयोग करते थे। फर्जी ट्रांजेक्शन के जरिए रकम को नकद में परिवर्तित कर आपस में बांट लेते थे।
गिरफ्तारी एवं बरामदगी
पुलिस अधीक्षक (Bhadohi) के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम टीम ने मुखबिर की सूचना पर गोपीगंज क्षेत्र से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों में अंशुल मिश्रा (20 वर्ष), मोहम्मद शोएव (19 वर्ष) तथा कपिल रावत (19 वर्ष) शामिल हैं। अभियुक्तों के कब्जे से चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन एवं कई संदिग्ध सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
अन्य साथियों की तलाश जारी पुलिस (Bhadohi) का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही बरामद बैंक खातों और लेनदेन की विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या सिम कार्ड किसी को न दें और किसी भी संदिग्ध लिंक या एप्लिकेशन को डाउनलोड करने से बचें।
