Varanasi: चौबेपुर जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु की पावन जन्मस्थली चंद्रावती अब नए स्वरूप में निखर रही है। गंगा तट पर बन रहा 200 मीटर लंबा पक्का घाट अब लगभग तैयार हो चुका है, जिससे यह क्षेत्र एक बड़े धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में उभरने की ओर अग्रसर है। करीब 17.07 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना का शिलान्यास तत्कालीन केंद्रीय कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडे द्वारा किया गया था।

जैन सर्किट के तहत विकसित हो रही इस योजना ने चंद्रावती के गंगातट (Varanasi) की तस्वीर बदल दी है। जैन धर्म अहिंसा, सत्य और तप का संदेश देने वाला प्राचीन धर्म है। भगवान चंद्रप्रभु, इसके आठवें तीर्थंकर हैं और उनकी जन्मस्थली होने के कारण चंद्रावती जैन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है, जहां देश-विदेश से लोग पहुंचते हैं। घाट (Varanasi) निर्माण में गाबियन तकनीक और मजबूत रिटेनिंग वॉल का उपयोग किया गया है, जिससे बाढ़ के दौरान भी इसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। घाट पर टॉयलेट ब्लॉक, चेंजिंग रूम, पार्किंग, हेरिटेज लाइटिंग, बेंच और जालीदार रेलिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
Varanasi: जिलाधिकारी ने भी किया निरीक्षण
प्रधानमंत्री के आगामी वाराणसी (Varanasi) दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के निरीक्षण के बाद निर्माण कार्य को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि यह घाट पूरी भव्यता के साथ प्रस्तुत किया जा सके। इसके साथ ही यहां धर्मशाला, हॉस्पिटल और 45 से 50 एकड़ में मिनी सिटी बसाने की योजना भी है।
भविष्य में इस घाट को जलमार्ग (Varanasi) से जोड़ने की तैयारी है, जिससे पर्यटक नाव और क्रूज़ के जरिए सीधे यहां पहुंच सकेंगे। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परियोजना चंद्रावती को न केवल धार्मिक बल्कि पर्यटन और आर्थिक दृष्टि से भी नई पहचान दिलाएगी।

