देश की पहली डिजिटल जनगणना-2027 (UP) का औपचारिक आगाज़ हो चुका है। उत्तर प्रदेश में 7 मई से जनगणना के पहले चरण के तहत “स्व-गणना” की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो 21 मई तक चलेगी। इस बार आम नागरिकों को पहली बार घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से खुद अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी गई है।
वाराणसी नगर निगम प्रशासन ने लोगों से इस ऐतिहासिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है।
घर बैठे ऐसे भर सकेंगे जनगणना फॉर्म
नागरिकों को आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण करना होगा। मोबाइल नंबर और नाम दर्ज करने के बाद ओटीपी सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद नागरिकों (UP) को 33 सवालों वाली प्रश्नावली भरनी होगी, जिसमें परिवार, मकान, सुविधाओं और सदस्यों से जुड़ी जानकारी मांगी जाएगी।
फॉर्म सफलतापूर्वक जमा होने के बाद एक 11 अंकों की “सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी (SE ID)” जारी होगी। प्रशासन ने लोगों से इस आईडी को सुरक्षित रखने की अपील की है, क्योंकि आगे की प्रक्रिया में यही सबसे महत्वपूर्ण होगी।
UP: 22 मई से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक
नगर आयुक्त ने बताया कि जिन परिवारों ने पहले से ऑनलाइन स्व-गणना कर ली होगी, उन्हें 22 मई से शुरू होने वाले डोर-टू-डोर सर्वे में काफी सुविधा मिलेगी। जब सरकारी प्रगणक घर पहुंचेंगे, तब नागरिकों (UP) को केवल अपनी SE ID दिखानी होगी। यदि ऑनलाइन दर्ज डेटा रिकॉर्ड से मेल खाता है, तो उसे तुरंत सत्यापित कर स्वीकार कर लिया जाएगा। इससे समय की बचत होगी और प्रक्रिया अधिक सरल बनेगी।
डेटा रहेगा पूरी तरह सुरक्षित
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान किसी भी व्यक्ति से बैंक डिटेल, आधार नंबर या वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी। पूरी प्रक्रिया डेटा एन्क्रिप्शन तकनीक के जरिए सुरक्षित रखी जाएगी। नगर आयुक्त ने लोगों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें और घर आने वाले प्रगणक का पहचान पत्र अवश्य देखें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना का उद्देश्य विकास योजनाओं के लिए आंकड़े जुटाना है, न कि नागरिकता तय करना।
दो चरणों में पूरी होगी जनगणना
जनगणना-2027 (UP) की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी—
· पहला चरण: मई-जून 2026
इस चरण में हाउसलिस्टिंग और मकानों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी।
· दूसरा चरण: फरवरी 2027
इसमें जनसंख्या, साक्षरता, रोजगार, सामाजिक और जातिगत आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।
प्रदेश सरकार (UP) ने इस बड़े अभियान के लिए व्यापक तैयारी की है। पूरे उत्तर प्रदेश में करीब 5.25 लाख अधिकारी और कर्मचारी लगाए गए हैं। इनमें मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, चार्ज अधिकारी, मास्टर ट्रेनर और लाखों प्रगणक शामिल हैं।
जानिए पूरी प्रक्रिया स्टेप-बाय-स्टेप
- आधिकारिक स्व गणना पोर्टल (se.census.gov.in) खोलें
- मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP सत्यापन करें।
- राज्य/केंद्र शासित प्रदेश चुनकर लॉगिन करें।
- मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिन्हित करें।
- परिवार और मकान से जुड़ी जानकारी भरें।
- 33 सवालों वाली प्रश्नावली पूरी करें।
- फॉर्म सबमिट करने के बाद मिली SE ID सुरक्षित रखें।
- प्रगणक के आने पर उन्हें SE ID दिखाएं।
प्रशासन का कहना है कि डिजिटल जनगणना देश के विकास की दिशा तय करने वाला बड़ा कदम साबित होगी और इससे भविष्य की सरकारी योजनाओं को अधिक सटीक आधार मिलेगा।

