Varanasi: शहर के फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में 26 अप्रैल 2026 की रात कारोबारी मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। वहीं इस मामले में आरोपियों को अब तक सजा नहीं मिली, वहीं कुछ आरोपी अभी-भी फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी और मामले में की जा रही सुस्त कार्रवाई को लेकर परिवार का आक्रोश अब बढ़ गया है। उद्यमी मनीष सिंह की पत्नी अंकिता सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए आर-पार की लड़ाई की बात कही और शुक्रवार को पुरे पीड़ित परिवार ने कुछ सामाजिक संगठनों के साथ जिला मुख्यालय (कचहरी) पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करने का एलान भी किया था।
अब इसी एलान को देखते हुए शुक्रवार को वाराणसी (Varanasi) का कछाहरी परिसर पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। पुलिस प्रशासन की कई गाड़ियों के साथ कई थानों की फ़ोर्स भी कचहरी में तैनात दिखी। हालांकि पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने खुद मृतक मनीष की पत्नी अंकिता से मुलाकात कर ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद पीड़ित पक्ष प्रशासन की बातों से पुलिस तरह से संतुष्ट हुआ।
Varanasi: पत्नी ने जताई संतुष्टि
मनीष सिंह की पत्नी अंकिता सिंह का कहना रहा कि सरकार मेरे लिए बहुत काम कर रही है लेकिन मेरे जो संसय थे उसको लेकर आज मैं कचहरी आई। प्रशासन (Varanasi) की बातों से मैं बहुत संतुष्ट हूं। मैंने पुलिस आयुक्त, जिलाधिकरी और एसीपी से मुलाक़ात की है और मैं सभी के बातों से पूर्ण रूप से संतुष्ट हूं। जो भी अपराधी है मेरे पति के हत्या के मामले में उनमें से कोई भी छूटना नहीं चाहिए। सभी को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
अधिवक्ता विवेक सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष को प्रशासन की ओर से कुछ भी क्लियर नहीं किया जा रहा था। ऐसे में मनीष सिंह की पत्नी और परिवार ने धरना देने का एलान किया गया, जिसके बाद पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी (Varanasi) ने पीड़ित पक्ष को बुलाकर आश्वासन दिया है और कहा है कि जल्द से जल्द सभी विवेचना समाप्त कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिवक्ता ने आगे कहा कि सभी अपराधी पकडे गए है आयर एक फरार है जिसकी दबिश दी जा रही है। प्रशासनिक आश्वासन से पीड़ित पक्ष के सभी लोग संतुष्ट हैं।
ये है मामला
बता दें 26 अप्रैल की रात कारोबारी मनीष सिंह फैक्ट्री से काम खत्म कर कार से घर लौट रहे थे। घमहापुर गांव के पास उनकी कार से एक महिला को टक्कर लग गई। मनीष भागने के बजाय गाड़ी रोककर महिला की मदद करने की कोशिश करने लगे।
आक्रोशित ग्रामीणों और महिला के परिजनों (Varanasi) की भारी भीड़ जुट गई। उग्र भीड़ ने कानून को ताक पर रखते हुए मनीष सिंह पर हमला किया। उन्होंने मनीष की पीट-पीटकर हत्या कर दी और इसके बाद अस्पताल ले जाते समय उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया।
