Varanasi के राजघाट क्षेत्र में स्थित कथित 200 वर्ष पुरानी अजगैब शहीद मस्जिद को मंगलवार देर रात प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और मॉडल स्टेशन परियोजना के तहत की गई इस कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा गया। कार्रवाई के बाद रातों-रात मलबा भी हटा दिया गया।
जानकारी के अनुसार, भदऊ चुंगी-किला कोना क्षेत्र (Varanasi) में स्थित मस्जिद पर देर रात बुलडोजरों की मदद से कार्रवाई की गई। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक रेलवे की भूमि पर बने इस ढांचे को हटाने के लिए पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे। बताया जा रहा है कि मस्जिद के मुतवल्ली का कुछ समय पहले निधन हो चुका था और मामला लंबे समय से प्रशासनिक एवं कानूनी प्रक्रिया में था।
मॉडल स्टेशन परियोजना से जुड़ा मामला
प्रशासन का कहना है कि काशी रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण और मॉडल स्टेशन (Varanasi) के रूप में विकास की योजना के तहत भूमि का सर्वेक्षण किया गया था। सर्वे के दौरान संबंधित भूमि रेलवे की संपत्ति होने का दावा किया गया। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए गए।
बताया जा रहा है कि मामला न्यायालय तक भी पहुंचा था। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेलवे प्रशासन द्वारा पुनः भूमि खाली कराने की कार्रवाई शुरू की गई, जिसके क्रम में मंगलवार रात यह अभियान चलाया गया।
Varanasi: भारी पुलिस बल रहा तैनात
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और पीएसी जवानों को तैनात किया गया था ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रशासन (Varanasi) के अनुसार कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था नहीं हुई और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। मस्जिद के साथ आसपास मौजूद मलबे को भी तत्काल हटवा दिया गया।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई
देर रात हुई इस कार्रवाई के बाद मामला शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर विभिन्न पक्षों की ओर से इस पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई न्यायिक और वैधानिक प्रक्रिया के तहत की गई है। फिलहाल काशी रेलवे स्टेशन (Varanasi) के पुनर्विकास कार्य को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रशासन और रेलवे विभाग आवश्यक प्रक्रियाओं में जुटे हुए हैं।

