राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को Cockroach Janata Party का एक ऐसा राजनीतिक प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने पारंपरिक राजनीति के गलियारों में नई बहस छेड़ दी। सोशल मीडिया के जरिए चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने पहले ही बड़े सार्वजनिक प्रदर्शन में हजारों युवाओं को एक मंच पर जुटाकर यह संकेत दे दिया कि देश का युवा वर्ग अब अपनी आवाज बुलंद करने के लिए नए विकल्पों की तलाश में है।
इस प्रदर्शन (Cockroach Janata Party) का मुख्य मुद्दा शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताएं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नीट पेपर लीक सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। युवाओं का कहना है कि यदि शिक्षा व्यवस्था बार-बार सवालों के घेरे में आ रही है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं की भारी भीड़
सुबह से ही Cockroach Janata Party के समर्थन में जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। हाथों में तिरंगा, किताबें और विभिन्न नारों वाले पोस्टर लिए युवा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान “इंकलाब जिंदाबाद”, “भारत माता की जय”, “जय भीम” और “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” जैसे नारे लगातार गूंजते रहे।
सबसे अधिक चर्चा इस बात की रही कि सोशल मीडिया पर शुरू हुआ एक व्यंग्यात्मक अभियान इतनी जल्दी एक बड़े जनआंदोलन (Cockroach Janata Party) का रूप कैसे ले गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना इस बात का संकेत है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चलने वाले अभियानों की पहुंच अब वास्तविक राजनीतिक गतिविधियों तक बढ़ चुकी है। हालांकि विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि किसी नए राजनीतिक मंच की वास्तविक ताकत का आकलन करने के लिए अभी समय देना होगा।
अन्य नेताओं के आवास के बाहर भारी सुरक्षा व्यवस्था
इस बीच दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई प्रमुख नेताओं के आवासों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। इससे पहले प्रदर्शन को लेकर दाखिल एक जनहित याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने निर्धारित शर्तों के साथ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दे दी।

कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) के संस्थापक अभिजीत दिपके अमेरिका से दिल्ली पहुंचने के बाद सीधे आंदोलन के केंद्र में दिखाई दिए। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। जंतर-मंतर पहुंचकर दिपके ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही गड़बड़ियों ने छात्रों को मानसिक रूप से तोड़ दिया है और कई युवाओं की जिंदगी प्रभावित हुई है। उन्होंने शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की मांग की।
Cockroach Janata Party के समर्थकों ने दिए फूल
दिपके ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आंदोलन चलाने की अपील की। उन्होंने समर्थकों से कहा कि वे अपने साथ किताब और तिरंगा लेकर आएं तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सम्मान स्वरूप फूल भेंट करें। उनका कहना था कि आंदोलन का उद्देश्य टकराव नहीं बल्कि जवाबदेही की मांग करना है।

जंतर-मंतर पर मौजूद पार्टी (Cockroach Janata Party) के प्रमुख सदस्य सौरव दास ने भी शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कोई मंत्री अपने विभाग में लगातार सामने आ रही समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहा है तो उसे पद पर बने रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जवाबदेही और पारदर्शिता लोकतंत्र की बुनियादी शर्तें हैं और इसी उद्देश्य से यह आंदोलन चलाया जा रहा है।
प्रवक्ता ने कहा बीजेपी के ने अध्याय की शुरुआत
पार्टी (Cockroach Janata Party) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने इस प्रदर्शन को भारतीय राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत बताया। उनके अनुसार यह केवल किसी एक मंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि युवाओं की उस बेचैनी का प्रतीक है जो लंबे समय से शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर महसूस की जा रही है।
कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। इसकी शुरुआत एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान के रूप में हुई थी। सोशल मीडिया पर शुरू हुआ यह अभियान धीरे-धीरे युवाओं के बीच लोकप्रिय होता गया और देखते ही देखते एक राजनीतिक आंदोलन का रूप लेने लगा। इसी कारण इसकी पहली सार्वजनिक रैली को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता थी।

सामाजिक और सार्वजनिक हस्तियों का भी मिला समर्थन
आंदोलन को कई सामाजिक और सार्वजनिक हस्तियों का समर्थन भी मिला है। सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न जनआंदोलनों से जुड़े लोग इस मुहिम के समर्थन में सामने आए हैं। इसी क्रम में सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने भी वीडियो संदेश जारी कर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
अभिजीत दिपके (Cockroach Janata Party) की व्यक्तिगत यात्रा भी चर्चा का विषय बनी हुई है। पुणे में पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए, जहां वे वर्तमान में जनसंपर्क विषय में अध्ययन कर रहे हैं। इससे पहले वे राजनीतिक संचार और सोशल मीडिया अभियानों से भी जुड़े रहे हैं। यही कारण है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने में उनकी टीम को उल्लेखनीय सफलता मिली है।
हालांकि आंदोलन की बढ़ती लोकप्रियता ने उनके परिवार की चिंता भी बढ़ा दी है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहने वाले उनके माता-पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें आशंका है कि राजनीतिक व्यंग्य और सक्रियता के कारण उनका बेटा किसी कानूनी विवाद में फंस सकता है। इसके बावजूद समर्थकों (Cockroach Janata Party) का उत्साह लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।

