Varanasi: चौबेपुर के थाना क्षेत्र शंकरपुर में बीते महीने दर्ज नाबालिग के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में आरोपित युवक की मां शुक्रवार दोपहर करीब 70 से 80 महिलाओं के साथ चौबेपुर थाने पहुंचीं। महिलाओं ने थाने के बाहर प्रदर्शन कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष एवं साक्ष्य आधारित जांच की मांग की। इसी दौरान एक आरोपी काजू की नानी दुईजा देवी प्रदर्शन के दौरान बेहोश हो गई जिन्हें आनन फानन एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतपुर उपचार के लिए भेजा गया।
Varanasi: जानिए क्या है पूरा मामला
सीवों चुनाडीह निवासी मीना देवी ने आरोप लगाया कि एक महिला से उनका पहले से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसी रंजिश के चलते उनके पुत्र करन को नाबालिग के अपहरण एवं दुष्कर्म (Varanasi) के मामले में झूठा फंसाया गया है। उनका कहना है कि करन का घटना से कोई संबंध नहीं है और उसे साजिश के तहत आरोपी बनाया गया है।
वहीं मीना देवी का कहना है कि नाबालिग के लापता होने के मामले में पुलिस ने(Varanasi) उनके पुत्र करन और एक अन्य नाबालिग को पूछताछ के लिए थाने बुलाया और बाद में जेल भेज दिया। उनका आरोप है कि विवेचना के दौरान उपलब्ध महत्वपूर्ण साक्ष्यों और तथ्यों की अनदेखी की गई।
उन्होंने दावा किया कि मामले में मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत दर्ज बयान और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं, जिनसे वास्तविक घटनाक्रम स्पष्ट हो सकता है। उनका आरोप है कि एक युवक ने नाबालिग (Varanasi) को करीब 20 दिनों तक अपने रिश्तेदारों के यहां रखा। इसके बावजूद निर्दोष बच्चों को मुकदमे में फंसाया जा रहा है।
उन्होंने पूरे प्रकरण (Varanasi) की निष्पक्ष जांच कर सभी साक्ष्यों को विवेचना में शामिल करने और वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कुछ देर तक पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाकर शांत कराया,वही थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि महिलाओं का शिकायती पत्र संबंधित अधिकारी को भेज दिया गया है।
मामले की विवेचना एसीपी सारनाथ (Varanasi) कर रहे हैं। इस प्रकरण को लेकर प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि मामले की विवेचना एसीपी सारनाथ कर रहे हैं। जांच में जो भी तथ्य एवं साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर निष्पक्ष और विधिक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होगा और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।किसी तरह समझा-बुझाकर महिलाओं को वापस भेजा।


