Varanasi: शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते करीब एक महीने से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की अगुवाई में आंदोलन चल रहा है। इसी बीच, दिल्ली में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद वाराणसी में पार्टी कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। बुधवार को जेपी मेहता कॉलेज से महानगर समाजवादी पार्टी युवजन सभा के कार्यकर्ता हाथों में बेड़ियाँ और तख्तियाँ लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे तथा धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व सयुस महानगर अध्यक्ष राहुल गुप्ता और संदीप मिश्रा ने किया।

Varanasi: सपा कार्यकर्ताओं ने लगाया आरोप
राहुल गुप्ता ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार को छात्रों (Varanasi) की मांगें मान लेनी चाहिए। सरकार ने छात्रों और युवाओं के साथ जो अन्याय किया है—जिस तरह उन्हें पीटा गया, उनके सिर फोड़े गए, हड्डियाँ तोड़ी गईं, यहाँ तक कि छात्राओं के कपड़े भी फाड़ दिए गए- क्या लोकतंत्र में किसी सरकार से ऐसे बर्ताव की उम्मीद की जाती है, और वह भी शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के दौरान?

वहीं, संदीप मिश्रा ने कहा कि प्रदर्शन करने वाले युवा देश के बच्चे हैं, हमारे भविष्य हैं। उनकी बात सुनने में क्या कठिनाई है? यदि कोई सही मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहा है तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम उनकी आवाज़ उठाएँ। उनके साथ कल जो हुआ, वह बिल्कुल गलत था। यह लोकतंत्र है और लोकतंत्र में प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है।
दूसरी ओर, मुख्यालय पर प्रदर्शन (Varanasi) करने वाले संदीप मिश्रा, अमन यादव, राहुल गुप्ता सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया, जहाँ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

