वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस वक्त हलचल मच गई, जब मुंबई एटीएस (ATS) की टीम अचानक ओंकालेश्वर इलाके में एक डॉक्टर के घर पहुंच गई। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई कार्रवाई देर शाम तक चली, जिसमें डॉक्टर और उनके बेटे समेत परिवार के कई लोगों से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की गई। पूरे समय घर के बाहर स्थानीय पुलिस और अधिकारी तैनात रहे और किसी को भी अंदर-बाहर जाने की इजाजत नहीं दी गई।

मोबाइल नंबर से मिला सुराग
बताया जा रहा है कि डॉक्टर के बेटे का मोबाइल नंबर मुंबई एटीएस (ATS) के हाथ लगा था, जिसके जरिए कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सामने आई। इसी इनपुट के आधार पर मुंबई एटीएस ने लखनऊ यूनिट से संपर्क किया और फिर संयुक्त टीम बनाकर वाराणसी पहुंची। टीम में एटीएस के साथ आईबी के अधिकारी भी शामिल थे, जिन्होंने मौके पर पहुंचते ही पूरे घर को जांच के दायरे में ले लिया।
ATS: इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त
जांच के दौरान टीम ने घर में मौजूद लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को खंगाला। कई सामान अपने साथ भी ले गई, जिनमें प्रिंटर और कुछ डिजिटल डिवाइस शामिल हैं। परिवार के सभी सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ की गई। उनके बैंक डिटेल, आय के स्रोत और रिश्तेदारों तक की जानकारी ली गई।
22 अप्रैल को मुंबई बुलाया
पूछताछ के दौरान पूरे घर को घेराबंदी में रखा गया था। कोतवाली एसीपी फोर्स के साथ मौके पर मौजूद रहे। टीम ने साफ तौर पर कहा कि सभी लोग जांच में सहयोग करें। करीब शाम 7 बजे कार्रवाई खत्म होने के बाद टीम वहां से रवाना हो गई, जिसके बाद परिवार ने घर का दरवाजा बंद कर लिया। एटीएस (ATS) ने डॉक्टर, उनके बेटे और परिवार के कुछ अन्य लोगों को आगे की पूछताछ के लिए 22 अप्रैल को मुंबई बुलाया है।
बताया जा रहा है कि डॉक्टर का हनुमान फाटक के पास निजी अस्पताल है, जबकि उनके भाई साड़ी के कारोबार से जुड़े हैं। एक बेटा नीट की तैयारी कर रहा है, जिससे भी इस मामले में पूछताछ की गई है।

