Shankaracharya अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को जान से मारने की धमकी मिलने के मामले में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। शनिवार को भेलूपुर थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत यह केस दर्ज किया गया है। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गयी है। इस दौरान जिस मोबाइल नंबर से धमकी भेजा गया था उसकी भी जाँच की जा रही है।

Shankaracharya: जान से मारने की धमकी
ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य (Shankaracharya) स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के ज्योतिर्मठ के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर 1 अप्रैल को लगातार आपत्तिजनक टेक्स्ट मैसेज भेजे गए। बार-बार अभद्रता भरे मैसेज आने से मैसेज भेजने वाले नंबर को ब्लाक कर दिया गया था। जिसके बाद 6 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे के आस-पास वॉइस मेल के जरिये अपशब्दों का प्रयोग कर शंकराचार्य (Shankaracharya) को जान से मारने की धमकी दी गयी थी। धमकी देने वाले ने ऑडियो मैसेज में कहा गया था कि शंकराचार्य को अतीक अहमद की तरह मार दिया जाएगा और उनका समय नजदीक आ गया है।

शंकराचार्य (Shankaracharya) को धमकी मिलने के मामले में भेलूपुर थाने में शुक्रवार को तहरीर दी गई थी। वहीं शनिवार को पुलिस ने धारा 351(4) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एसीपी गौरव कुमार ने कहा कि लिखित शिकायत और सबूतों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जिस नंबर के यह संदेश आया था उसका पता लगाया जा रहा है। जो भी दोषी होगा उसपर कठोर कार्रवाई की जाए।
अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती (Shankaracharya) द्वारा आगामी 3 मई से उत्तर प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में उनकी “गविष्ठी यात्रा” प्रस्तावित है, जिसके माध्यम से वे लोगों को गौ संरक्षण के प्रति जागरूक करने और हर विधानसभा क्षेत्र में “रामा गौ धाम” स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगे। इस बीच इस तरह की धमकी ने संत समाज में खलबली मचा दी है।
शंकराचार्य (Shankaracharya) के अनुयायियों का आरोप है कि गौ रक्षा जैसे धार्मिक और सामाजिक मुद्दे पर आवाज उठाने के कारण ही उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। वहीं आरोप यह भी है कि इस तरह की धमकी किसी सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा हो सकती है। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

