Varanasi कमिश्नरेट पुलिस ने फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़ करते हुए 10 महिलाओं को कॉल सेंटर से गिरफ्तार किया है। महिलाओं की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही चारों-ओर यह चर्चा का विषय बन गया। यह कार्रवाई साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन Cy-Vazra’ के तहत की गई।
इसका खुलासा मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार (Varanasi) में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान डीसीपी क्राइम नीतू कादयान ने किया। वहीं इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में किया गया। अभियान की निगरानी पुलिस उपायुक्त (अपराध) नीतू कादयान और अपर पुलिस आयुक्त (गोमती जोन एवं साइबर नोडल) सुरेंद्र ने की।
पुलिस के अनुसार, जिन 10 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। वह लोगों को शादी के लिए योग्य युवक-युवतियों दिखाकर लोगों को अपने झांसे में लेते थे और फिर उनसे ठगी करता था।
न्यूज़पेपर में विज्ञापन के जरिए लोगों को देते थे झांसा
इसका खुलासा करते हुए डीसीपी क्राइम नीतू कादयान (Varanasi) ने बताया कि आरोपियों के द्वारा एक फर्जी मैरिज ब्यूरों का संचालन किया जा रहा था, जिसकी हमें लगातार शिकायत भी मिल रही थी. यह गिरोह सबसे पहले विभिन्न न्यूज़ पपेरों में विवाह योग्य युवक-युवतियों के नाम से आकर्षक ढंग से प्रकाशित कराता था।
इसमें युवक-युवतियों से संबंधित नाम, उम्र, जाति, शिक्षा, नौकरी और वेतन जैसी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां देकर वह लोगों का भरोसा जीतते और जब लोग विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करते थे, तब कॉल सेंटर में मौजूद महिलाएं खुद को शुभमैट्रिमोनियल नामक मैरिज ब्यूरो की प्रतिनिधि बताती थीं। इसके बाद उन्हें आजीवन सदस्यता और रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे जमा कराने के लिए राजी किया जाता था।
रूपये मिलते ही पीड़ितों को कर देते थे ब्लाक
पुलिस (Varanasi) जांच में सामने आया कि रकम खाते में पहुंचते ही पीड़ितों को किसी भी विवाह योग्य व्यक्ति की वास्तविक जानकारी नहीं दी जाती थी। सदस्यता का वादा भी पूरा नहीं किया जाता था। कुछ समय बाद पीड़ितों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए जाते थे, जिससे वे दोबारा संपर्क नहीं कर पाते थे।
सैकड़ों लोगों को बनाया अपना शिकार
छापेमारी के दौरान जब्त किए गए रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच में पता चला कि इस गिरोह ने देश के अलग-अलग राज्यों के 600 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बनाया। शुरुआती अनुमान के अनुसार करीब 10 लाख रुपये की ठगी की जा चुकी है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के बैंक खातों और चेकबुक की जांच में हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और चंडीगढ़ सहित कई राज्यों से साइबर ठगी की शिकायतें भी जुड़ी मिली हैं। अब इन मामलों की विस्तृत जांच की जा रही है।
Varanasi: छापेमारी में पुलिस ने बरामद किया बड़ा सामान
पुलिस टीम (Varanasi) ने कॉल सेंटर से 27 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, तीन चेकबुक, एक पासबुक, पांच डेबिट कार्ड, चार बिल वाउचर, तीन क्यूआर कोड, एक पेमेंट साउंड बॉक्स, दो रजिस्टर, किरायानामा, उद्यम रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेज और शुभमैट्रिमोनियल के रजिस्ट्रेशन फॉर्म बरामद किए हैं।
पुलिस ने इन 10 महिलाओं को किया गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कॉल सेंटर संचालिका समेत कुल 10 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी वाराणसी (Varanasi) के अलग-अलग इलाकों की रहने वाली हैं और फर्जी मैरिज ब्यूरो के संचालन में शामिल थीं। पूछताछ के आधार पर पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई सभी 10 महिलाएं वाराणसी के अलग-अलग क्षेत्रों की रहने वाली हैं:
- माला देवी (उम्र ~40 वर्ष, नि० गोकुलपुर, फूलपुर)
- सुनीता यादव (उम्र ~26 वर्ष, नि० गणपति नगर, लालपुर पांडेयपुर)
- सुनिधि श्रीवास्तव (उम्र ~22 वर्ष, नि० कुंदन नगर, शिवपुर)
- सादिया परवीन (उम्र ~27 वर्ष, नि० कैंटोन्मेंट, कैंट)
- नाजिश खान (उम्र ~40 वर्ष, नि० गिलट बाजार, शिवपुर)
- महिमा सिंह (उम्र ~30 वर्ष, नि० बजरंग नगर, लालपुर पांडेयपुर)
- नाडिया फातिमा (उम्र ~27 वर्ष, नि० वीडीए कालोनी, शिवपुर)
- नेहा श्रीवास्तव (उम्र ~26 वर्ष, नि० अशोक बिहार, लालपुर पांडेयपुर)
- रुमा खान (उम्र ~31 वर्ष, नि० नदेसर, कैंट)
- अर्चना शर्मा (उम्र ~38 वर्ष, नि० हुकुलगंज, लालपुर पांडेयपुर)
कैंट थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और अन्य सहयोगियों की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद इस साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई (Varanasi) की जाएगी।
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