सावन के महीने में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए Kashi आने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के स्वागत को लेकर नगर निगम ने एक नई व्यवस्था शुरू की है। शहर के प्रमुख चौराहों पर स्थापित पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए प्रतिदिन सुबह शिव स्तोत्र का प्रसारण किया जा रहा है। इस पहल का मकसद पूरे शहर में आध्यात्मिक वातावरण तैयार करना और शिव भक्तों के उत्साह को बढ़ाना है। यह व्यवस्था बुधवार से लागू हो गई है और पूरे सावन माह तक जारी रहेगी।
नगर निगम की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, शहर (Kashi) के 55 प्रमुख चौराहों पर लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम से प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे से 6:30 बजे तक शिव स्तोत्र प्रसारित किया जाएगा। सावन के दौरान काशी में लाखों श्रद्धालु और कांवड़िए पहुंचते हैं। ऐसे में शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर भक्तिमय माहौल बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
Kashi: कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया निर्णय
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इस व्यवस्था को लागू करने का निर्णय नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा कि महापौर अशोक कुमार तिवारी की पहल पर यह योजना शुरू की गई है ताकि बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक माहौल का अनुभव हो सके।
उन्होंने बताया कि फिलहाल शिव स्तोत्र का प्रसारण केवल सुबह के समय किया जा रहा है। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है तो भविष्य में इसे सुबह के साथ-साथ शाम के समय भी शुरू करने पर विचार किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
सावन में बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए नगर निगम ने कई अन्य व्यवस्थाएं भी की हैं। कांवड़ियों के ठहरने के लिए शहर (Kashi) के विभिन्न स्थानों पर शिविर बनाए गए हैं। महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग आवास और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है।
इन शिविरों में श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन, स्वच्छ पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं, जहां जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार की सुविधा दी जा रही है।
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नगर निगम का कहना है कि सावन के दौरान धार्मिक माहौल बनाए रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता है। शिव स्तोत्र के नियमित प्रसारण से पूरे शहर में भक्तिमय वातावरण बना रहेगा और बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं (Kashi) को आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा।

