काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) प्रशासन ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले अनुशासनहीनता और गंभीर आपराधिक घटनाओं में शामिल छात्रों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। विश्वविद्यालय ने कुल 110 छात्रों को ब्लैकलिस्ट करते हुए विभिन्न स्तरों पर दंडित किया है। इनमें 33 छात्रों को भविष्य में बीएचयू के किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश और विश्वविद्यालय में नौकरी के लिए स्थायी रूप से डिबार कर दिया गया है। वहीं 57 छात्रों को निलंबित किया गया है, आठ छात्रों के विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि अन्य छात्रों के खिलाफ निष्कासन और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन (BHU) का कहना है कि यह कार्रवाई परिसर में अनुशासन, सुरक्षा और शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। कुलसचिव कार्यालय की ओर से जारी ब्लैकलिस्ट सभी संस्थानों, संकायों और विभागों के निदेशकों व संकायाध्यक्षों को भेज दी गई है। निर्देश दिया गया है कि प्रवेश काउंसिलिंग और नामांकन के दौरान इस सूची का अनिवार्य रूप से मिलान किया जाए, ताकि किसी भी निष्कासित या डिबार छात्र को दोबारा विश्वविद्यालय में प्रवेश न मिल सके।
कई गंभीर मामलों के आधार पर हुई कार्रवाई
BHU प्रशासन के अनुसार, जिन छात्रों पर कार्रवाई की गई है, वे अलग-अलग वर्षों में हुई गंभीर घटनाओं में संलिप्त पाए गए थे। इन मामलों में एंबुलेंस चालक के अपहरण, छात्रावासों में तोड़फोड़, विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, मुख्य द्वार और कुलपति आवास पर उग्र प्रदर्शन, मारपीट, छात्राओं से जुड़े गंभीर प्रकरण तथा अन्य अनुशासनहीन गतिविधियां शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कुछ छात्र एक से अधिक मामलों में शामिल पाए गए। ऐसे छात्रों के खिलाफ दोबारा निलंबन, स्थायी डिबार या अन्य कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
BHU विश्वविद्यालय की सूची के अनुसार, 17 फरवरी 2026 को बिड़ला ‘ए’ छात्रावास के पास हुई तोड़फोड़ और उपद्रव की घटना में कला संकाय के छात्र आदित्य शर्मा को भविष्य में बीएचयू के सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए स्थायी रूप से डिबार कर दिया गया है।
इसी प्रकार 29 जनवरी 2026 को रुइया और बिड़ला ‘ए’ छात्रावास के पास हुई तोड़फोड़ तथा हॉस्टल गेट पर मारपीट की घटना में अंकित पाल, दर्शित पांडेय, पीयूष स्वामी और विशाल कुमार सहित कई छात्रों को भी भविष्य में बीएचयू में प्रवेश से वंचित कर दिया गया है।
BHU प्रवेश प्रक्रिया में होगी विशेष निगरानी
कुलसचिव कार्यालय ने सभी संस्थानों को निर्देश दिया है कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक अभ्यर्थी का विवरण ब्लैकलिस्ट से मिलाया जाए। यदि कोई छात्र डिबार या निष्कासित सूची में पाया जाता है तो उसे किसी भी स्थिति में प्रवेश न दिया जाए। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इससे भविष्य में अनुशासनहीन तत्वों की दोबारा परिसर में वापसी रोकी जा सकेगी।
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BHU प्रशासन ने कहा है कि विश्वविद्यालय की शांति, सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल से समझौता करने वाले किसी भी छात्र के प्रति भविष्य में भी शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परिसर में हिंसा, तोड़फोड़, धमकी, अवैध गतिविधियों और अनुशासनहीनता में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि विश्वविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण सुरक्षित और अनुशासित बना रहे।
