Mansoon: वाराणसी, पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र, जहाँ विकास की ऐसी धारा बह रही है, जिसकी कभी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी लेकिन शहर में बहती इस विकास की धारा में एक बड़ा झोल सामने आया है. दरअसल, इस वक़्त मानसून सक्रिय हो चूका है और ऐसे में वाराणसी में भी मौसम ने करवट बदल ली है.
एक तरफ जहाँ गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली है, तो वहीं दूसरी तरफ बरसात के चलते शहर में जन्मे गड्ढों ने नगर निगम की पोल खोल कर रखी दी है. शहर में गड्ढे जगह-जगह कुछ यूँ नजर आ रहे हैं, मानो इतने सालों में काशी में परियोजनाओं का नहीं बल्कि गड्ढों का विकास हुआ हो. जो ऐसे तो भले नजर ना आते हों लेकिन बरसात (Mansoon) होते ही बरसाती मेंढक के जैसे चारों-ओर दिखलाई देने लगते हैं. इतना ही नहीं, सडकों पर हो जा रहे जलभराव के कारण आए दिन राहगीर और वहां चालक चोटिल हो रहे.
Mansoon: चितईपुर क्षेत्र में नजर आया ऐसा आलम
शहर के अखरी–चितईपुर मार्ग की बदहाल सड़क अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों और ऑटो चालकों को उठानी पड़ रही है। आए दिन लोग गड्ढों में फिसलकर घायल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है।
इसी बीच इस मार्ग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक चलती हुई ऑटो सड़क (Mansoon) पर बने गहरे गड्ढे में जाने के बाद अनियंत्रित होकर पलट जाती है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोग तुरंत सहायता के लिए दौड़ पड़ते हैं और ऑटो में सवार लोगों को बाहर निकालते हैं। हालांकि घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन वीडियो ने सड़क की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी है।
लंबे समय से जर्जर हालात में है सड़क
स्थानीय लोगों का कहना है कि अखरी से चितईपुर तक की सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है। बरसात के कारण गड्ढों की स्थिति और भी खराब हो गई है। कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे वाहन चालकों को हिचकोले खाते हुए गुजरना पड़ता है। रात के समय और बारिश (Mansoon) के दौरान इन गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
रोजाना इस मार्ग से स्कूल-कॉलेज के छात्र, नौकरीपेशा लोग, एंबुलेंस, ऑटो, ई-रिक्शा और भारी संख्या में अन्य वाहन गुजरते हैं। खराब सड़क के कारण न केवल दुर्घटनाएं हो रही हैं, बल्कि जाम की समस्या (Mansoon) भी आम हो गई है। वाहन चालक गड्ढों से बचने के प्रयास में अचानक दिशा बदलते हैं, जिससे पीछे आने वाले वाहनों के साथ टक्कर की स्थिति बन जाती है।
सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग
स्थानीय नागरिकों ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और जिला प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते गड्ढों को नहीं भरा गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों (Mansoon) की होगी। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासी सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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कुल मिलाकर, काशी की सड़कें इन दिनों विकास से ज्यादा गड्ढों की पहचान बनती नजर आ रही हैं। बारिश (Mansoon) होते ही सड़क और तालाब का फर्क मिट जाता है और राहगीरों को यह अंदाजा लगाना पड़ता है कि आगे सड़क है या गड्ढा। ऐसे में लगता है कि नगर निगम की नजर में जलभराव कोई समस्या नहीं बल्कि हर मानसून का तयशुदा आयोजन है, जो हर साल बिना किसी निमंत्रण के समय पर पहुंच ही जाता है।

