UP: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर लगातार उठ रही शिकायतों के बीच सरकार ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। अब स्मार्ट मीटर का बैलेंस खत्म होते ही बिजली नहीं कटेगी। 2 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं (UP) को बैलेंस शून्य होने के बाद भी तीन दिन या 200 रुपये तक बिजली सप्लाई जारी रहेगी। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने शक्ति भवन में समीक्षा बैठक के दौरान यह फैसला लिया। सरकार ने यह भी तय किया है कि जिन घरों में नया स्मार्ट मीटर लगाया जाएगा, वहां 45 दिन तक बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को शुरुआती समय में राहत मिलेगी और वे व्यवस्था को समझ सकेंगे।

UP: पांच स्तर पर मिलेगा SMS अलर्ट
ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को बैलेंस खत्म होने से पहले पांच स्तर पर मैसेज भेजे जाएं, ताकि किसी को अचानक परेशानी न हो।
- बैलेंस 30 प्रतिशत बचने पर पहला संदेश
- बैलेंस 10 प्रतिशत होने पर दूसरा संदेश
- बैलेंस खत्म होने पर तीसरा संदेश
- कनेक्शन कटने से एक दिन पहले चौथा संदेश
- कनेक्शन कटने के बाद पांचवां संदेश
- रविवार और छुट्टी के दिन नहीं कटेगी बिजली
सरकार ने यह भी साफ किया है कि रविवार या अन्य सार्वजनिक अवकाश के दिन बैलेंस निगेटिव होने पर भी बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इससे छुट्टी वाले दिन लोगों को परेशानी नहीं होगी।
ऊर्जा मंत्री ने कंपनियों पर जताई नाराजगी
समीक्षा बैठक में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने स्मार्ट मीटर को लेकर मिल रही शिकायतों पर निजी कंपनियों और अधिकारियों (UP) को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि कंपनियां पैसा कमा रही हैं और बदनाम सरकार हो रही है। यह अब नहीं चलेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उपभोक्ता पैसा जमा करने के बाद भी कई घंटे तक कनेक्शन जुड़ने का इंतजार करते हैं। यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भुगतान रोकने के निर्देश
ऊर्जा मंत्री ने मीटर लगाने वाली कंपनियों का भुगतान रोकने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि निजी कंपनियां अपना सेटअप एक्सईएन कार्यालय में रखें, ताकि रिचार्ज होते ही तुरंत कनेक्शन बहाल किया जा सके। बैठक में ट्रांसफार्मर खराब होने पर तत्काल बदलने, ढीले तारों और स्पार्किंग की समस्या तुरंत ठीक करने तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अब बिजली काटने और जोड़ने का फैसला एसडीओ और एक्सईएन स्तर पर होगा, ताकि उपभोक्ताओं (UP) की समस्या का तुरंत समाधान हो सके। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

