Varanasi: शिवपुर थाना क्षेत्र के सुधीपुर कठवतिया गांव में बुधवार रात एक नवजात शिशु को कथित तौर पर मिठाई के झोले में रखकर खेत में छोड़ दिए जाने का मामला सामने आया। सुबह खेत की ओर गई एक स्थानीय महिला को बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। महिला की सतर्कता के चलते नवजात को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा।
सुधीपुर निवासी रीता के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे वह घर की सफाई कर रही थीं। इसी दौरान उन्हें दूर झाड़ियों की ओर से किसी बच्चे के रोने और चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद किसी जानवर के बच्चे की आवाज है। इसके बाद वह बच्चों का टिफिन तैयार करने और घर के अन्य कामों में व्यस्त हो गईं।
घर का काम पूरा करने के बाद रीता अपनी मां के साथ खेत की ओर गईं। वहां पहुंचने पर उन्हें दोबारा तेज रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज का पीछा करते हुए जब उन्होंने खेत के पास देखा तो वहां एक मिठाई का झोला पड़ा था।
रीता और उनकी मां ने जब झोला खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए। झोले के अंदर एक नवजात शिशु था। बच्चे को देखते ही रीता की मां ने आसपास के लोगों को बुलाया।
Varanasi: मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़
नवजात मिलने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों (Varanasi) की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी। जानकारी मिलते ही शिवपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को अपने संरक्षण में ले लिया। पुलिस ने बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए उसे पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल भेजा।
समय पर मिला नवजात, हालत सामान्य
रीता के मुताबिक, नवजात समय रहते मिल गया, जिसके कारण उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। महिला ने बताया कि बच्चे ने आंखें भी खोल ली थीं और वह सुरक्षित दिखाई दे रहा था।
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फिलहाल पुलिस (Varanasi) मामले की जांच में जुटी है। नवजात को खेत में छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस अज्ञात व्यक्ति की तलाश कर रही है।
