Mau: विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच मऊ की सियासत में बहुजन समाज पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी ने जिले की चार विधानसभा सीटों में से तीन पर प्रभारी प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। घोसी विधानसभा सीट से अजय जायसवाल को प्रभारी प्रत्याशी बनाए जाने के बाद क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
अजय जायसवाल हाल ही में भारतीय जनता पार्टी से अलग होकर बहुजन समाज पार्टी (Mau)में शामिल हुए थे। भाजपा से वर्षों तक जुड़े रहे अजय जायसवाल को बसपा में शामिल होने के कुछ ही समय बाद घोसी विधानसभा की जिम्मेदारी मिलना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, उनके समर्थन और चुनावी प्रभाव का वास्तविक आकलन आने वाले समय में क्षेत्र में होने वाली राजनीतिक गतिविधियों से होगा।
घोषणा के साथ ही संगठन को चुनावी मोड में लाने की तैयारी
बसपा ने केवल प्रत्याशी घोषित करने तक सीमित रहने के (Mau) बजाय विधानसभा स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की तैयारी शुरू कर दी है। घोसी में कार्यकर्ता महासम्मेलन के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट करने की कवायद की जा रही है। महासम्मेलन की अध्यक्षता बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर करेंगे, जबकि पूर्व एमएलसी दिनेश चंद्र की मौजूदगी रहेगी।पार्टी की ओर से विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ता बैठकों, जनसंपर्क और संगठन विस्तार की गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
तीन सीटों पर चेहरे सामने, चौथी पर नजर
मऊ (Mau) जिले में सदर, घोसी, मधुबन और मोहम्मदाबाद गोहना (सुरक्षित) चार विधानसभा क्षेत्र हैं। बसपा इनमें से तीन सीटों पर अपने प्रभारी प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है। ऐसे में पार्टी ने चुनाव से काफी पहले अपने संभावित चेहरों को क्षेत्र में सक्रिय करने की रणनीति अपनाई है।
घोसी में अजय जायसवाल की घोषणा के बाद अब क्षेत्र में बसपा की आगामी गतिविधियों पर निगाहें रहेंगी। वहीं चौथी विधानसभा सीट के लिए पार्टी की घोषणा का इंतजार है।
प्रत्याशियों की शुरुआती घोषणा से बढ़ी राजनीतिक हलचल
2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन मऊ (Mau) में राजनीतिक दलों की तैयारियां जमीन पर दिखाई देने लगी हैं। बसपा की ओर से तीन सीटों पर प्रभारी प्रत्याशी घोषित किए जाने से चुनावी चर्चा को गति मिली है। अब अन्य दलों की ओर से संभावित प्रत्याशियों और संगठनात्मक तैयारियों को लेकर होने वाली गतिविधियों पर भी राजनीतिक नजरें रहेंगी।
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आने वाले महीनों में प्रत्याशियों की सक्रियता, संगठन की स्थिति और स्थानीय मुद्दों को लेकर दलों की रणनीति मऊ (Mau) के चारों विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी माहौल को और गरमा सकती है।

