Varanasi: समाजवादी पार्टी के पार्षद भइया लाल यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। वाराणसी में एक महिला की शिकायत पर पार्षद समेत उनके परिवार के पांच लोगों के खिलाफ चेतगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
महिला ने आरोप लगाया है कि पहले दर्ज मामले में पैरवी करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उसने पार्षद की पत्नी, दोनों बेटों और साले पर मारपीट करने, केस वापस लेने का दबाव बनाने और सबूतों वाला मोबाइल छीनने का भी आरोप लगाया है।
इससे पहले महिला की शिकायत पर 7 अगस्त 2026 को पार्षद के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। अगले दिन यानी 8 अगस्त को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल (Varanasi) भेज दिया था। अब नए मामले में उनकी पत्नी और दोनों बेटों समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है।
जेल से छूटने के बाद मारपीट और धमकी का आरोप
महिला ने पुलिस को बताया कि 8 अगस्त को जेल जाने के बाद भइया लाल यादव रिहा होकर बाहर आ गए थे। 10 अगस्त को वह मजिस्ट्रेट के सामने बयान देने के लिए घर से निकली थी। आरोप है कि घर के सामने ही पार्षद, उनकी पत्नी मंजू यादव और दोनों बेटे गौरव उर्फ मोनू व अभिषेक उर्फ कन्हैया ने उसे रोक लिया।
महिला का आरोप है कि चारों ने उसके साथ मारपीट की और कई थप्पड़ मारे। साथ ही मजिस्ट्रेट (Varanasi) के सामने बयान देने पर जान से मारने की धमकी दी। महिला के मुताबिक, डर के कारण वह मजिस्ट्रेट के सामने सही बयान नहीं दे सकी।
14 सितंबर को रास्ता रोककर केस वापस लेने का दबाव
महिला ने अपनी शिकायत में 14 सितंबर की एक अन्य घटना का भी जिक्र किया है। उसके मुताबिक, रात में घर का सामान लेकर लौटते समय पार्षद, उनकी पत्नी, दोनों बेटों और साले विनोद यादव ने उसे रास्ते में रोक लिया।
आरोप है कि सभी ने उस पर पहले दर्ज मुकदमे (Varanasi) को वापस लेने और उससे जुड़े सबूत सौंपने का दबाव बनाया। ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
कचहरी में मोबाइल छीनने का आरोप
महिला के अनुसार, 8 अक्टूबर को वह अपने केस की जानकारी लेने कचहरी पहुंची थी। आरोप है कि वहां पार्षद और उनके बेटों ने उसका मोबाइल छीन लिया। महिला का दावा है कि मोबाइल में पहले दर्ज मामले से जुड़े अहम सबूत मौजूद थे।
Varanasi: पत्नी, दोनों बेटों और साले समेत पांच पर मुकदमा
चेतगंज थानाध्यक्ष पवन कुमार पांडेय ने बताया कि महिला की शिकायत (Varanasi) पर भइया लाल यादव, गौरव यादव, अभिषेक यादव, मंजू देवी और विनोद यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आठ साल पहले पिता की बीमारी में की थी आर्थिक मदद
महिला ने 7 अगस्त को दर्ज कराई गई अपनी पहली शिकायत में बताया था कि करीब आठ साल पहले उसके पिता की तबीयत खराब थी। उस समय पार्षद भइया लाल यादव ने आर्थिक मदद की थी। इसके बाद उनका महिला के घर आना-जाना शुरू हो गया।
महिला (Varanasi) के मुताबिक, पार्षद उससे फोन पर भी बातचीत करते थे। शुरुआत में उसे उनकी नीयत पर संदेह नहीं हुआ, लेकिन बाद में वह लगातार फोन कर बातचीत करने का दबाव बनाने लगे।
बात नहीं करने पर खुदकुशी की धमकी देने का भी आरोप
पहले दर्ज मामले में महिला ने आरोप लगाया था कि पार्षद उससे फोन पर बात करने का दबाव बनाते थे। मना करने पर कथित तौर पर खुदकुशी कर लेने की धमकी (Varanasi) देते थे। महिला की शिकायत पर 7 अगस्त को चेतगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अगले दिन पुलिस ने पार्षद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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फिलहाल नए मुकदमे (Varanasi) में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। मामले में सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

