BHU: के सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती पद्मश्री सम्मानित वरिष्ठ हृदय एवं वक्ष शल्य चिकित्सक डॉ. टी.के. लाहिड़ी के साथ कथित मारपीट का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। चिकित्सक डॉ. ओम शंकर ने एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उनके अनुसार घटना के एक चश्मदीद से बातचीत के आधार पर 29 अगस्त को डॉ. लाहिड़ी के साथ हुई घटना का विवरण सामने रखा गया है। हालांकि घटना को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और आरोपी चिकित्सक डॉ. अरविंद पांडे ने मारपीट के आरोप से इनकार किया है।
डॉ. ओम शंकर (BHU) के अनुसार, चश्मदीद ने 29 अगस्त की घटना के संबंध में ऐसी जानकारी दी है, जिसमें डॉ. लाहिड़ी के साथ थप्पड़ और घूंसे से मारपीट किए जाने का दावा किया गया है। उन्होंने घटना के बाद सामने आई तस्वीरों का भी उल्लेख करते हुए चेहरे, आंख और भौंह के आसपास चोट के निशान होने का दावा किया है।
इस मामले में डॉ. लाहिड़ी (BHU) के परिजनों की ओर से बीएचयू के कुलपति और अन्य अधिकारियों को शिकायत भेजे जाने की जानकारी पहले भी सामने आ चुकी है। शिकायत में घटना की जांच और कार्रवाई की मांग की गई थी। मामले के सामने आने के बाद बीएचयू प्रशासन ने जांच के लिए समितियां गठित की थीं।

आरोपी चिकित्सक ने आरोपों से किया इनकार
मामले में डॉ. अरविंद पांडे ने मारपीट के आरोप से इनकार किया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने घटना के संबंध में अपना अलग पक्ष रखा और कहा कि डॉ. लाहिड़ी को रोकने की परिस्थिति बनी थी। इस कारण घटना के दोनों पक्षों के दावों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
डॉ. ओम शंकर (BHU) ने अपने वीडियो और बयान के माध्यम से मामले में पारदर्शी जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि घटना के समय मौजूद कर्मचारियों और कथित चश्मदीदों के बयान लिए जाने चाहिए तथा उपलब्ध चिकित्सकीय अभिलेख और तस्वीरों की भी जांच होनी चाहिए।

मामले में बीएचयू (BHU) प्रशासन की ओर से गठित जांच प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रशासन ने घटना की जांच के लिए दो समितियां गठित की थीं।
मंत्री ने भी की थी डॉ. लाहिड़ी से मुलाकात
इस प्रकरण के बीच उत्तर प्रदेश के मंत्री रविंद्र जायसवाल ने भी बीएचयू पहुंचकर डॉ. लाहिड़ी के स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली थी। उन्होंने चिकित्सकों और विश्वविद्यालय (BHU) प्रशासन से उनके उपचार में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा था।
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डॉ. टी.के. लाहिड़ी लंबे समय से चिकित्सा क्षेत्र में अपनी सेवाओं के लिए पहचाने जाते हैं और पद्मश्री से सम्मानित हैं। ऐसे में उनके साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद घटना की निष्पक्ष जांच, चश्मदीदों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तथ्य सामने लाने की मांग लगातार उठ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।

