BHU की दो महिला प्रोफेसरों से फ्लैट बुकिंग के नाम पर 30 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सुंदरपुर स्थित बृज एन्क्लेव में फ्लैट बुक कराने के बाद निर्धारित समय पर निर्माण पूरा नहीं हुआ और दोनों को कब्जा भी नहीं मिल सका। रकम वापस करने के लिए बिल्डर की ओर से दिए गए 15-15 लाख रुपये के चेक भी बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गए। मामले में चितईपुर पुलिस ने बिल्डर अविनाश उपाध्याय, उसके भाई कालिंदी उपाध्याय, ऋषिकेश उपाध्याय और उनकी मां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
BHU: फ़्लैट बुकिंग के लिए दिए थे 15 लाख रूपये
पुलिस के अनुसार, BHU की शिक्षिका डॉ. शबनम ने भी इस मामले में 23 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वहीं डॉ. रीता सिंह की शिकायत के आधार पर भी पुलिस ने कार्रवाई की है। शिकायत में बताया गया है कि मई 2021 में डॉ. रीता सिंह और डॉ. शबनम ने सुंदरपुर निवासी बिल्डर अविनाश उपाध्याय के प्रोजेक्ट में एक-एक फ्लैट बुक कराया था। दोनों ने फ्लैट की बुकिंग के लिए 15-15 लाख रुपये दिए थे।
शिकायत के मुताबिक, बिल्डर ने दोनों फ्लैटों का निर्माण जून 2022 तक पूरा कराकर कब्जा देने का भरोसा दिया था। दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते में यह भी तय किया गया था कि निर्धारित समय पर फ्लैट का निर्माण पूरा नहीं होने और कब्जा नहीं दिए जाने की स्थिति में बुकिंग की पूरी रकम ब्याज सहित वापस की जाएगी।
रकम वापस करने की मांग की
आरोप है कि निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी फ्लैटों का निर्माण पूरा नहीं कराया गया। दोनों प्रोफेसरों (BHU) ने भवन के दूसरे तल पर फ्लैट बुक कराया था, लेकिन शिकायत के अनुसार आज तक उनका निर्माण पूरा नहीं हो सका है। लंबे समय तक इंतजार के बाद जब दोनों ने बिल्डर से संपर्क कर रकम वापस करने की मांग की तो मामला और उलझ गया।
दो वर्षों से बिल्डर का मोबाइल फोन बंद
शिकायतकर्ता (BHU) का आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से बिल्डर का मोबाइल फोन भी बंद है। लगातार दबाव बनाने के बाद बिल्डर की ओर से दोनों प्रोफेसरों को 15-15 लाख रुपये के चेक दिए गए। जब दोनों ने चेक बैंक में जमा किए तो भुगतान नहीं हुआ और चेक बाउंस हो गए। इसके करीब एक महीने बाद दोबारा रकम के चेक दिए गए, लेकिन दूसरी बार भी चेक बाउंस हो गए।
इसके बाद दोनों प्रोफेसरों (BHU) ने मामले की शिकायत पुलिस से की। शिकायत के आधार पर चितईपुर पुलिस ने बिल्डर और उसके परिवार के तीन अन्य सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब बुकिंग से जुड़े कागजात, दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते, भुगतान से संबंधित दस्तावेज और बाउंस हुए चेक समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
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चितईपुर थाना प्रभारी राकेश गौतम ने बताया कि मामले से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों और लेनदेन से जुड़े अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
