चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर देशभर में चल रहे राजनीतिक विरोध के बीच सोमवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सिंह द्वार पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
वाराणसी (BHU) में हुए इस प्रदर्शन की स्थानीय रिपोर्ट भी प्रकाशित हुई है। प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने चुनाव व्यवस्था को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। उनका कहना था कि लोकतंत्र में निर्वाचन आयोग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता के मन में उठ रहे सवालों का स्पष्ट एवं पारदर्शी तरीके से जवाब मिलना चाहिए।
चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विषय होने चाहिए पारदर्शी
कार्यकर्ताओं (BHU) ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विषयों को लेकर लोगों के बीच किसी तरह की आशंका नहीं रहनी चाहिए।
सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने निर्वाचन व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के प्रति लोगों का भरोसा लोकतंत्र की बुनियाद से जुड़ा है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग
गौरतलब है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों की ओर से देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर (BHU) मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई है।
BHU सिंह द्वार पर हुए प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के महानगर महासचिव योगेंद्र यादव, महानगर अध्यक्ष बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी अमन यादव, लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव रजत वाल्मीकि, आरती यादव, जाहिद नासिर और राधेश्याम समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें:- चौबेपुर में पंचकर्म-नेचुरोपैथी सेंटर बनकर तैयार, जल्द होगा उद्घाटन
कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। पुतला दहन के बाद कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से संबंधित प्रत्येक सवाल का जवाब संवैधानिक और पारदर्शी तरीके से दिया जाना चाहिए, ताकि मतदाताओं का निर्वाचन व्यवस्था पर विश्वास कायम रहे।

