Varanasi: काशी पहुंचकर सचेत टंडन और परंपरा ठाकुर ने किए बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन, सोशल मीडिया पर साझा किया वीडियो; ‘बेखयाली’ और ‘मेरे सोणेया’ जैसे गीतों से देशभर में बनाई पहचान
धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी (Varanasi) में देश की मशहूर संगीतकार एवं गायिका जोड़ी सचेत-परंपरा ने बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। वाराणसी पहुंचे सचेत टंडन और परंपरा ठाकुर ने बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। अपनी काशी यात्रा की झलक उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो के माध्यम से साझा की। वीडियो सामने आने के बाद संगीत प्रेमियों और उनके प्रशंसकों के बीच उनकी आध्यात्मिक यात्रा चर्चा का विषय बन गई है।
काशी विश्वनाथ धाम (Varanasi) देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां प्रतिदिन देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक आस्था के साथ-साथ काशी की प्राचीन संस्कृति, गंगा घाट और मंदिरों की आध्यात्मिक अनुभूति देश की कई मशहूर हस्तियों को भी आकर्षित करती है। सचेत-परंपरा का बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचना भी इसी आस्था और आध्यात्मिक जुड़ाव की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर साझा किया वीडियो
सचेत-परंपरा ने अपनी काशी यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। बाबा विश्वनाथ (Varanasi)के दर्शन से जुड़ी इस झलक के माध्यम से उनके प्रशंसकों को काशी प्रवास की जानकारी मिली। संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाली इस जोड़ी के लिए बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन करना एक खास आध्यात्मिक अनुभव रहा।
काशी (Varanasi) की धार्मिक महत्ता और बाबा विश्वनाथ के प्रति श्रद्धा देशभर के श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां आने वाले श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर सुख, समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं। सचेत-परंपरा की यात्रा भी धार्मिक नगरी काशी के प्रति लोगों के आकर्षण को दर्शाती है।
‘बेखयाली’ गीत से मिली देशभर में पहचान
सचेत टंडन और परंपरा ठाकुर हिंदी फिल्म संगीत जगत की चर्चित संगीतकार, गायक और गीतकार जोड़ी हैं। दोनों ने वर्ष 2015 में गायन आधारित रियलिटी शो ‘द वॉयस इंडिया’ में प्रतिभागी के रूप में अपनी संगीत यात्रा शुरू की थी। इसके बाद दोनों ने साथ मिलकर संगीत के क्षेत्र में काम करना शुरू किया और सचेत-परंपरा के नाम से पहचान बनाई।
शाहिद कपूर अभिनीत फिल्म ‘कबीर सिंह’ के चर्चित गीत ‘बेखयाली’ ने इस जोड़ी को देशभर में लोकप्रियता दिलाई। इसके अलावा ‘मेरे सोणेया’, ‘दिलबरा’ और ‘चन्ना मेरेया’ जैसे गीतों से भी उनकी पहचान मजबूत हुई। दोनों ने ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’, ‘भूमि’, ‘बत्ती गुल मीटर चालू’, ‘पल पल दिल के पास’, ‘तान्हाजी’ और ‘जर्सी’ जैसी फिल्मों के संगीत में भी योगदान दिया है।
पति-पत्नी होने के साथ संगीत की दुनिया में भी साझेदार
सचेत टंडन और परंपरा ठाकुर की जोड़ी केवल संगीत तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों वास्तविक जीवन में भी पति-पत्नी हैं। वर्ष 2020 में दोनों विवाह बंधन में बंधे थे। संगीत के प्रति साझा रुचि और एक-दूसरे के साथ काम करने की समझ ने उन्हें फिल्म संगीत जगत में एक अलग पहचान दिलाई है।
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सचेत-परंपरा की काशी यात्रा के दौरान बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ (Varanasi) के दर्शन और सोशल मीडिया पर साझा किया गया वीडियो उनके प्रशंसकों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है। काशी की आध्यात्मिकता और संगीत की दुनिया की लोकप्रिय जोड़ी का यह संगम चर्चा में है।

