लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल की व्यवस्थाओं को मुश्किल में डाल दिया। करीब 15 घंटे की बारिश के बाद अस्पताल परिसर से लेकर ओपीडी और जांच केंद्रों तक पानी भर गया। मुख्य रास्तों पर कमर तक पानी पहुंचने से मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज और परामर्श के लिए पहुंचते हैं। लेकिन सोमवार को जलभराव के कारण मरीजों की आवाजाही प्रभावित रही। कई मरीज और उनके परिजन अस्पताल परिसर की स्थिति देखकर बिना इलाज कराए ही लौटते नजर आए।

150 मीटर तक पानी में चलने को मजबूर मरीज
अस्पताल के पर्ची काउंटर से ओपीडी (BHU) तक पहुंचने वाले रास्ते पर करीब 150 मीटर तक पानी भरा रहा। पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण मरीजों को काफी मुश्किल से गुजरना पड़ा।

सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग, महिलाएं और गंभीर मरीजों को हुई। कई जगह परिजन मरीजों को गोद में उठाकर पानी के बीच से ले जाते दिखाई दिए। जलभराव के कारण व्हीलचेयर और स्ट्रेचर का इस्तेमाल भी मुश्किल हो गया।

रोजाना 5 से 6 हजार मरीज आते हैं OPD
सर सुंदरलाल अस्पताल (BHU) की ओपीडी में सामान्य दिनों में प्रतिदिन करीब 5 से 6 हजार मरीज इलाज और चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंचते हैं। लेकिन भारी जलभराव के कारण सोमवार को मरीजों की संख्या में कमी देखी गई।

अस्पताल पहुंचने वाले कई मरीजों और तीमारदारों ने परिसर में भरे पानी को देखकर वापस लौटना ही बेहतर समझा। इससे मरीजों को इलाज मिलने में भी परेशानी हुई।

CCI लैब तक पहुंचना भी चुनौती
ओपीडी (BHU) में डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद मरीजों को जांच के लिए सीसीआई लैब की ओर जाना पड़ता है। लेकिन लैब की ओर जाने वाला रास्ता भी पानी में डूबा रहा। मरीजों को 100 मीटर से अधिक लंबे जलमग्न रास्ते को पार करना पड़ा।

बाल रोग विभाग में बच्चों को लेकर पहुंचे अभिभावक काफी परेशान रहे। वहीं नेत्र और ईएनटी विभाग में आने वाले बुजुर्ग मरीजों को भी पानी के बीच से गुजरने में परेशानी हुई।

जल निकासी की व्यवस्था पर उठे सवाल
सर सुंदरलाल अस्पताल (BHU) पूर्वांचल के साथ-साथ बिहार और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के मरीजों के लिए भी प्रमुख चिकित्सा केंद्र है। ऐसे में अस्पताल परिसर में इस स्तर का जलभराव स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।
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मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल परिसर (BHU) से तत्काल पानी निकालने के लिए पंप लगाने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में बारिश के दौरान इस तरह जलभराव होना गंभीर समस्या है।
