Varanasi: अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कैंट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे और निशानदेही पर 10 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। बरामद मोटरसाइकिलें वाराणसी के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से चोरी की गई थीं।
पुलिस के अनुसार, पुलिस आयुक्त वाराणसी (Varanasi) के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन तथा सहायक पुलिस आयुक्त कैंट के पर्यवेक्षण में अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कैंट पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत वाहन चोरी की घटनाओं में संलिप्त आरोपितों की तलाश शुरू की थी।
डीएम कंपाउंड के पीछे से बरामद हुईं बाइक
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर डीएम कंपाउंड के पीछे स्थित एक निर्जन स्थान से 10 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपितों (Varanasi) ने इन मोटरसाइकिलों को वाराणसी के अलग-अलग इलाकों से चोरी किया था।
पुलिस के मुताबिक, बरामद वाहनों में कुछ मोटरसाइकिलें अर्दली बाजार, मानसिक चिकित्सालय, वरुणा तिराहा और गिलट बाजार-शिवपुर क्षेत्र से अलग-अलग तारीखों में चोरी की गई थीं। पुलिस अब बरामद सभी वाहनों के संबंध में संबंधित थानों (Varanasi) से जानकारी जुटा रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने अब तक कितनी अन्य वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है।
Varanasi: तीन आरोपित गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान आयुष कुमार (19 वर्ष) पुत्र मुफत लाल निवासी गौरा प्रेमनगर, थाना चोलापुर, वाराणसी, अरीब उर्फ … (लगभग 21 वर्ष) पुत्र नंदकिशोर गुप्ता निवासी बीन बस्ती, राजेश वेरिचुंग के निकट, थाना मंडुवाडीह, वाराणसी तथा अमन शर्मा (लगभग 20 वर्ष) पुत्र राजेश केसरी निवासी रयूलगढ़, लालजी खोचा के निकट, थाना सारनाथ, वाराणसी के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों (Varanasi) से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में वाहन चोरी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा चोरी के वाहनों को खपाने के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ वाहन चोरी से संबंधित मुकदमे पहले से भी दर्ज हैं। मामले में धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमे दर्ज होने के साथ ही कुछ मामलों में धारा 317(2), 317(4) और 317(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।
पुलिस (Varanasi) के मुताबिक, आरोपितों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है और अलग-अलग थाना क्षेत्रों में उनके खिलाफ वाहन चोरी के मामले दर्ज हैं। बरामदगी के बाद पुलिस सभी मुकदमों को आपस में जोड़कर गिरोह की गतिविधियों की जांच कर रही है।
कई थाना क्षेत्रों में की थी चोरी
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपितों ने अलग-अलग दिनों में शहर के विभिन्न इलाकों से मोटरसाइकिलें चोरी की थीं। चोरी के बाद वाहनों को सुनसान स्थान (Varanasi) पर छिपाकर रखा जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की मोटरसाइकिलों को आगे किसे बेचा जाना था और इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद वाहनों के वास्तविक मालिकों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद संबंधित वाहन मालिकों को वाहन सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
कैंट पुलिस की टीम रही शामिल
गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक राज किशोर पांडेय, उपनिरीक्षक अभिषेक सिंह, उपनिरीक्षक सत्यम यादव, महिला उपनिरीक्षक संजना सिंह, कांस्टेबल अतुल कुमार पांडेय, कांस्टेबल बुद्धिसागर मिश्रा और रिक्रूट कांस्टेबल राकेश कुमार भारती शामिल रहे।
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पुलिस ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही बरामद मोटरसाइकिलों के संबंध में संबंधित थाना क्षेत्रों से संपर्क कर चोरी के मुकदमों (Varanasi) का सत्यापन कराया जा रहा है।
