Varanasi: लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मंगलवार की भोर मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के चांदपुर इंडस्ट्रियल एरिया में दर्दनाक हादसा हो गया। उप डाकघर के पास जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे में दबकर ठेले पर सो रहे पति-पत्नी की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
मृतकों की पहचान रविंद्र मिश्रा (60/62) और उनकी पत्नी प्रतिमा मिश्रा (55) के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से झारखंड के गढ़वा जिले के डुमरिया गांव (Varanasi) के रहने वाले थे और पिछले कई वर्षों से चांदपुर इंडस्ट्रियल क्षेत्र में रह रहे थे। रविंद्र चांदपुर स्थित वायर बनाने वाली कैपकोन कंपनी में ऑपरेटर के रूप में काम करते थे, जबकि उनका छोटा बेटा आनंद मिश्रा बाटी-चोखा का ठेला लगाता है।
बारिश से बचने के लिए ठेले पर सोया था परिवार
परिजनों के मुताबिक, दंपती आमतौर पर परिसर में बने मकान की छत पर सोते थे। सोमवार रात तेज बारिश के कारण उन्होंने ठेले पर तिरपाल लगाकर रात बिताने का फैसला किया। उनका बेटा आनंद भी पास में ही रहता था।
भारी बारिश को देखते हुए रविंद्र ने बेटे आनंद को पास स्थित वायर फैक्ट्री (Varanasi) में जाकर सोने के लिए भेज दिया। रात में बारिश लगातार होती रही। मंगलवार की भोर अचानक पास की जर्जर दीवार भरभराकर गिर गई और दंपती मलबे में दब गए।
सुबह जब आनंद वापस लौटा तो उसने माता-पिता को मलबे में दबा देखा। यह देखकर उसके होश उड़ गए। उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी।
Varanasi: एक-दूसरे से लिपटे मिले पति-पत्नी
मलबा हटाने के दौरान दंपती के शव एक-दूसरे के बेहद करीब मिले। बताया जा रहा है कि रविंद्र का हाथ पत्नी प्रतिमा के ऊपर था। परिजनों और स्थानीय लोगों (Varanasi) के अनुसार, ऐसा प्रतीत हो रहा था कि हादसे के दौरान दोनों ने एक-दूसरे को बचाने की कोशिश की होगी। हालांकि, भारी मलबे में दबने के कारण उन्हें निकलने का मौका नहीं मिल सका।
60 फीट लंबी और 12 फीट ऊंची थी दीवार
सूचना मिलते ही मंडुवाडीह थाना प्रभारी अजय राज वर्मा पुलिस टीम (Varanasi) के साथ मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी बुलाया गया। टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस के मुताबिक, हादसे में करीब 60 फीट लंबी और 12 फीट ऊंची जर्जर दीवार भारी बारिश के बीच गिर गई। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
जर्जर भवनों को लेकर उठे सवाल
हादसे के बाद औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद जर्जर भवनों और दीवारों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में करीब दर्जनभर पुराने और जर्जर भवन हैं, जिनसे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन (Varanasi) से ऐसे भवनों का सर्वे कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
मौके पर पहुंचे एसीपी रोहनिया अवधेश कुमार विश्वकर्मा ने जर्जर भवनों को लेकर जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कार्रवाई का अनुरोध करने की बात कही। उन्होंने आसपास के क्षेत्र (Varanasi) का निरीक्षण भी किया और जर्जर डाकघर भवन को लेकर संबंधित अधिकारी से मरम्मत कराने को कहा।
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रविंद्र और प्रतिमा की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। आसपास के लोगों ने बताया कि रविंद्र लंबे समय से औद्योगिक क्षेत्र में रह रहे थे और अपने मिलनसार व्यवहार के कारण स्थानीय लोगों से उनका अच्छा जुड़ाव था। प्रतिमा भी कुछ समय पहले ही गांव से वाराणसी आई थीं।
