Loksabha Election: लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इंडिया गठबंधन के घटक दल कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय ने शुक्रवार को नामांकन किया। अजय राय को काशी के वाम दलों ने भी अपना समर्थन दिया है। अजय राय ने अपने नामांकन की शुरुआत बड़ा गणेश, बाबा कालभैरव व काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने बेनियाबाग पार्क स्थित लोकतंत्र के पुरोधा कहे जाने वाले लोकबन्धु राजनारायण का आशीर्वाद लेकर जुलूस निकाला। कहा जा रहा है कि इस बार इंडिया गठबंधन की एकजुटता धरातल पर नजर आई।
कांग्रेस प्रत्याशी की रैली में सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने समर्थन दिया। इनमें समाजवादी पार्टी व काशी के वामपंथी दल भी एकजुट नजर आए। देखा जाय तो जिस तरह से अजय राय के जुलूस में विशाल जन सैलाब उमड़ा, कहीं न कहीं लोगों में एक सन्देश गया। समर्थकों की मानें तो, कांग्रेस प्रत्याशी इस बार भारी मतों से जीत रहे हैं।
कहना गलत नहीं होगा कि इंडिया गठबंधन की जो शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी, वह अब जाकर जमीन पर उतरती हुई नजर आ रही है। कांग्रेस को समर्थन करने वाले अन्य दल भी मान रहे हैं कि जनहित के मुद्दों को जिस तरह से पिछले कुछ महीनों में कांग्रेस ने उछाला है, यह उसी का नतीजा है कि कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन जुलूस में विशाल भीड़ उमड़ी।

Loksabha Election: बड़े नेताओं की गैर मौजूदगी के बावजूद भीड़ स्वत: नजर आई स्फूर्त
वहीं इस जुलूस में दिलचस्प बात यह रही कि बड़े नेताओं की गैर मौजदूगी के बावजूद अजय राय के नामांकन में उमड़ी भीड़ स्वत: स्फूर्त नजर आई। दलों के खांचे से परे हटकर कांग्रेस, सपा, आम आदमी पार्टी व वामदल समेत समस्त दलों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता इंडिया गठबंधन प्रत्याशी को जिताने की जुगत में नजर आए।
इसके अलावा जनता के बीच भी इस बात को लेकर चर्चा रही कि इस बार की लड़ाई कांटे की हो सकती है। क्योंकि जिस तरह से अजय राय के नामांकन जुलूस में भीड़ उमड़ी, यह एक बड़े बदलाव के संकेत दे रही थी।

