Ghazipur: नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के बहुचर्चित मामले में रेवतीपुर पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए फरार आरोपितों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंगलवार को न्यायालय के आदेश पर अंतरराज्यीय ठग गिरोह से जुड़े सात फरार आरोपितों के खिलाफ कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जिससे नगदीलपुर गांव में हड़कंप मच गया।
जेएम कोर्ट-7 के निर्देश पर पुलिस (Ghazipur) ने बीएनएस की धारा 84 के तहत आरोपितों के घरों पर नोटिस चस्पा किए और गांव में मुनादी कराते हुए उद्घोषणा भी कराई। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में खौफ का माहौल है। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि आरोपी जल्द आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनकी चल-अचल संपत्तियों की कुर्की और जब्ती की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गिरोह के सरगना के परिजन भी घेरे में
कुर्की नोटिस जिन सात लोगों के खिलाफ जारी हुई है, वे सभी नगदीलपुर गांव के निवासी हैं और गिरोह के सरगना विनोद गुप्ता के करीबी परिजन बताए जा रहे हैं। इनमें अनिता गुप्ता (पत्नी), गौरव गुप्ता (पुत्र), रानी उर्फ शिवानी (पुत्री), दिनेश गुप्ता (भाई), पुष्पलता (भाभी), पवन गुप्ता (भतीजा) और ममता गुप्ता (चचेरी पुत्रवधू) शामिल हैं। गौरतलब है कि गिरोह का सरगना विनोद गुप्ता फिलहाल वाराणसी सेंट्रल जेल में बंद है।
सचिवालय में नौकरी का झांसा, करोड़ों की ठगी
पुलिस (Ghazipur) के अनुसार, नगदीलपुर स्थित बक्सू बाबा एकेडमी के संचालक विनोद गुप्ता और उसके सहयोगियों ने सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दर्जनों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की। इस मामले में पहला मुकदमा वर्ष 2024 में दर्ज हुआ था, जिसके बाद जांच आगे बढ़ने पर ठगी के जाल की परतें खुलती चली गईं।
20 आरोपी, गैंगस्टर तक पहुंचा मामला
अब तक इस पूरे प्रकरण में कुल 20 लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है। इनमें से सरगना समेत पांच आरोपितों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है। वर्तमान में सरगना जेल में है, जबकि चार अन्य आरोपी जमानत पर बाहर बताए जा रहे हैं और शेष फरार चल रहे हैं।
प्रभारी निरीक्षक (Ghazipur) राजू दिवाकर ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के आदेश के तहत की जा रही है। उन्होंने कहा कि फरार आरोपितों को अंतिम मौका दिया जा रहा है। यदि वे जल्द आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्ति कुर्क कर जब्त कर ली जाएगी।

