Mukhtar Ansari Death: 28 मार्च 2024 की शाम करीब 7:30 बजे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के फोन लगातार बजने लगे। खबर आई कि बांदा जेल में बंद माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। आनन-फानन में उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। इस खबर से प्रशासन में हड़कंप मच गया और पुलिस बल मेडिकल कॉलेज पहुंचने लगा। कुछ ही देर में मेडिकल कॉलेज छावनी में तब्दील हो गया और सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए।
चुनावी माहौल को देखते हुए सुरक्षा को और भी कड़ा कर दिया गया। चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को भी अलर्ट मोड में रखा गया। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी गेट के भीतर किसी को जाने की अनुमति नहीं थी, सिर्फ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को ही अंदर जाने दिया जा रहा था। चारों ओर बस एक ही सवाल था—मुख्तार अंसारी की तबीयत कैसी है?
रात करीब 11:00 बजे मेडिकल कॉलेज की ओर से मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया, जिसमें पुष्टि हुई कि मुख्तार अंसारी की मौत हार्ट अटैक से हुई है। इस खबर के फैलते ही उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया। यूपी के सभी जिलों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
Mukhtar Ansari Death: पहले भी बिगड़ी थी तबीयत, भाई-बेटे ने लगाया था जहर देने का आरोप
यह पहली बार नहीं था जब मुख्तार अंसारी की तबीयत बिगड़ी थी। 26 मार्च 2024 को भी आधी रात करीब 1:30 बजे उसकी हालत अचानक खराब हो गई थी, जिसके बाद उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उस वक्त दिनभर उसका इलाज चला और शाम को उसे यह कहते हुए फिर से बांदा जेल शिफ्ट कर दिया गया कि अब वह ठीक है।
इस दौरान उसके भाई अफजाल अंसारी और बेटे उमर अंसारी ने गंभीर आरोप लगाए थे कि मुख्तार अंसारी को खाने में स्लो पॉइजन दिया जा रहा है। उन्होंने जेल प्रशासन पर हत्या की साजिश रचने का भी आरोप लगाया था। खुद मुख्तार ने भी पहले कोर्ट में एक पत्र लिखकर दावा किया था कि उसकी जान को खतरा है और उसे धीरे-धीरे जहर दिया जा रहा है।
बांदा जेल में बिताए थे तीन साल
मुख्तार अंसारी को अप्रैल 2021 में पंजाब की रोपड़ जेल से बांदा जेल लाया गया था। तब से वह जेल की बैरक नंबर 16 में बंद था, जिसे “तनहाई बैरक” कहा जाता है। जेल में रहते हुए भी मुख्तार को कई मामलों में पेशी के लिए ले जाया गया, लेकिन उसने हमेशा अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी की मांग करता रहा।

