Varanasi: काशी की सबसे व्यस्त और संकरी गलियों में शामिल दालमंडी क्षेत्र में सोमवार से बड़े पैमाने पर प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दालमंडी की 650 मीटर लंबी सड़क को चौड़ा करने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर-4 तक श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाना है।

सोमवार सुबह से ही भारी पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बल की तैनाती के बीच दुकानों और मकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान कई तीन से चार मंजिला इमारतों को गिराया गया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे इलाके को सील कर चरणबद्ध तरीके से ध्वस्तीकरण किया जा रहा है।
परियोजना का खाका
- प्रभावित भवन: लगभग 184
- सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई: 17.4 मीटर
- परियोजना लागत: करीब 224–225 करोड़ रुपये
विशेष सुविधाएं:
- 3.2 मीटर चौड़े फुटपाथ
- हेरिटेज स्टाइल लाइटिंग
- हरियाली और सौंदर्यीकरण
- अंडरग्राउंड केबलिंग व नो-वायर ज़ोन
प्रशासन (Varanasi) का कहना है कि जिन भवनों की रजिस्ट्री और कागजात पूरे हैं, उन्हें सर्किल रेट से दोगुना मुआवजा दिया जा रहा है। कई मकान मालिकों ने सहमति भी दे दी है, जबकि अवैध निर्माणों को बिना किसी रुकावट के हटाया जा रहा है।
Varanasi:स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
दालमंडी (Varanasi) के कुछ व्यापारी इस परियोजना को विकास से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क चौड़ी होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे व्यापार को लाभ मिलेगा। वहीं, कुछ दुकानदारों और स्थानीय निवासियों में रोज़गार और पुनर्वास को लेकर चिंता भी देखने को मिल रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा व सहयोग दिया जाएगा। यह परियोजना सिर्फ सड़क चौड़ी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि काशी (Varanasi) के धार्मिक और पर्यटन ढांचे को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में दालमंडी का इलाका पूरी तरह नए रूप में नजर आएगा।

