Udaipur के समीप कलड़वास क्षेत्र के वेसा मगरी मोहल्ले में एक अज्ञात बीमारी ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। यहां एक ही परिवार के पांच सदस्य अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गए। बीमारी के चलते सभी के हाथ-पैरों में सूजन आ गई, साथ ही चेहरे का रंग काला पड़ गया है। हालत बिगड़ने पर परिवार पिता और पुत्र को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
बीमारी से प्रभावित परिवार (Udaipur) सोहनलाल डांगी (61) का है। सोहनलाल इस समय गुजरात के एक अस्पताल में भर्ती हैं। जहां डॉक्टरों के अनुसार उनकी किडनी और हृदय पर गंभीर असर पड़ा है। वहीं उनके दोनों बेटे लीलाशंकर डांगी (38) और प्रकाश डांगी (34) उदयपुर के एक निजी अस्पताल में इलाजरत हैं। परिवार की दो महिलाएं प्रेमीबाई और कौशल्या की तबीयत भी खराब है, जिनका उपचार घर पर ही किया जा रहा है।
पूरी बस्ती सुरक्षित, सिर्फ एक घर प्रभावित
चौंकाने वाली बात यह है कि करीब 125 लोगों और 20 परिवारों की इस बस्ती में बीमारी सिर्फ इसी परिवार तक सीमित है। आसपास के किसी भी अन्य घर में इस तरह के लक्षण सामने नहीं आए हैं, जिससे बीमारी का रहस्य और गहरा गया है। इसको लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। परिजनों के अनुसार बीमारी करीब डेढ़ महीने पहले शुरू हुई थी। शुरुआत में आयुर्वेदिक उपचार कराया गया, बाद में उदयपुर (Udaipur) और गुजरात के कई निजी अस्पतालों में इलाज कराया गया, लेकिन अब तक बीमारी की स्पष्ट वजह सामने नहीं आ सकी है।
Udaipur: इलाज में लाखों खर्च, आर्थिक संकट भी बढ़ा
पीडब्ल्यूडी विभाग से सेवानिवृत्त पंप ड्राइवर सोहनलाल डांगी मुख्यमंत्री निशुल्क आयुष्मान योजना और आरजीएचएस से जुड़े होने के बावजूद इलाज पर अब तक 7 से 8 लाख रुपये खर्च कर चुके हैं। लगातार बढ़ते खर्च ने परिवार को आर्थिक रूप से भी परेशान कर दिया है।
पानी और केमिकल प्रदूषण पर शक
मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और सर्वे किया। टीम ने परिवार (Udaipur) के घर से पीने के पानी, नलकूप, नालियों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं के नमूने एकत्र किए हैं। प्रारंभिक जांच में फिलहाल कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल पाया है, लेकिन नलकूप के पानी को लेकर संदेह जताया जा रहा है।
स्थानीय (Udaipur) लोगों का कहना है कि गांव के पास से आयड़ नदी गुजरती है, जहां आसपास की फैक्ट्रियों से केमिकल युक्त अपशिष्ट छोड़े जाने की आशंका है। लोगों को डर है कि इससे भूजल दूषित हो सकता है और बीमारी उसी का नतीजा हो सकती है।
एक ही परिवार (Udaipur) में इस तरह की गंभीर बीमारी सामने आने से पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। लोग पानी की शुद्धता और पर्यावरण प्रदूषण को लेकर चिंतित हैं। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे इस रहस्यमयी बीमारी की असली वजह सामने आ सके।

