Varanasi: सावन के दूसरे सोमवार पर कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए भोर से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। सोमवार को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि होने के कारण मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ रही। भोर से ही पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।

जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, बलिया, चंदौली और आजमगढ़ सहित अन्य जनपदों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा-गोमती के संगम पर आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद बाबा मार्कंडेय महादेव (Varanasi) का जलाभिषेक कर रामनाम लिखे बेलपत्र, दूध, दही, पंचामृत, गंगाजल, आक और धतूरा अर्पित किया।

मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजता रहा।गेरुआ वस्त्र धारण किए कांवड़ियों के साथ पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी बाबा के दर्शन के लिए घंटों कतार में खड़े रहे। श्रद्धालुओं (Varanasi) में भगवान भोलेनाथ की एक झलक पाने को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। भक्ति और आस्था के बीच पूरा मंदिर परिसर शिवमय नजर आया।
Varanasi: मंदिर में नजर आई भारी भीड़
सावन के दूसरे सोमवार पर क्षेत्र के गौरीशंकर महादेव मंदिर ढकवा तथा चौबेपुर कस्बा स्थित महाकाल मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर बिल्वपत्र, आक, धतूरा, दूध, दही, पंचामृत और गंगाजल अर्पित किया तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

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श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कैथी चौकी प्रभारी पवन राय तथा चौबेपुर थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम तैनात रही। पुलिसकर्मी लगातार लाउडस्पीकर से श्रद्धालुओं (Varanasi) को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।वहीं, गंगा-गोमती में जलस्तर बढ़ने के कारण सीढ़ियों तक पानी पहुंच जाने से स्नानार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी।

