Varanasi: पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने यातायात सभागार में राजपत्रित अधिकारियों के साथ समीक्षा गोष्ठी आयोजित कर कानून-व्यवस्था, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण, यातायात प्रबंधन तथा आगामी होली और रमजान पर्व की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नई परंपरा व मार्ग परिवतन की अनुमति नहीं
आगामी त्योहारों के मद्देनज़र पुलिस आयुक्त (Varanasi) ने धर्मगुरुओं, आयोजकों और शांति समिति के सदस्यों के साथ समन्वय बैठक कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि होली जुलूस, मटका फोड़ और होलिका दहन केवल पारंपरिक स्थलों पर ही आयोजित किए जाएं, किसी नई परंपरा या मार्ग परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी।
ड्रोन कैमरों से निगरानी के निर्देश
संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करने तथा संभावित विवादित तत्वों पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। जुलूसों (Varanasi) में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, धार्मिक स्थलों की विशेष निगरानी तथा मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी करने तथा रात 10 बजे के बाद डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने की बात भी कही गई। सार्वजनिक मार्गों पर नमाज की अनुमति नहीं होगी और यातायात के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

Varanasi: साक्ष्य एप पर अनिवार्य अपलोडिंग के निर्देश
तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए पुलिस आयुक्त ने यक्ष एप के नियमित डेटा अपडेट, ई-समन के माध्यम से प्राप्त समन और वारंट के समयबद्ध निष्पादन तथा प्रत्येक अपराध स्थल की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कर साक्ष्य एप पर अनिवार्य अपलोडिंग के निर्देश दिए। सर्च और सीज की कार्रवाई विधिसम्मत ढंग से करते हुए जब्त सामग्री का पूरा विवरण अपलोड करने पर भी जोर दिया गया।
60 दिनों से अधिक लंबित न रहे प्रकरण
विवेचनाओं के संबंध में निर्देशित किया गया कि कोई भी प्रकरण 60 दिनों से अधिक लंबित न रहे। यदि विशेष परिस्थिति में विवेचना लंबित रहती है तो इसके लिए अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) की अनुमति आवश्यक होगी। महिला संबंधी मामलों (Varanasi) में तत्काल गुमशुदगी या एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। शिकायत लेने में लापरवाही पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई। साथ ही सभी अधिकारियों को अपने सीयूजी फोन अनिवार्य रूप से रिसीव करने के निर्देश दिए गए।
शहर (Varanasi) की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए सभी विक्रेताओं को निर्धारित वेंडिंग जोन में ही दुकान लगाने, ऑटो और ई-रिक्शा में बारकोड प्रणाली का पालन सुनिश्चित करने तथा रांग साइड चलने वालों के विरुद्ध धारा 281 बीएनएस के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ नियमित अभियान चलाने और क्रिटिकल कॉरिडोर टीम को दुर्घटनाओं के विश्लेषण के साथ अवैध कट बंद कराने को कहा गया।
बिना अनुमति लाउडस्पीकर लगाने पर सख्त कार्रवाई
धार्मिक स्थलों पर बिना अनुमति लाउडस्पीकर लगाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बारात आयोजनों के दौरान सड़क का दो-तिहाई भाग यातायात के लिए और एक-तिहाई भाग बारात के लिए निर्धारित करने, नियम उल्लंघन पर वीडियोग्राफी कर मुकदमा दर्ज करने तथा रात्रि 10 बजे के बाद डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने के निर्देश दिए गए। मैरेज लॉन संचालकों को पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।

गुमशुदा मामलों में प्रत्येक प्रकरण (Varanasi) के लिए एक उपनिरीक्षक नामित कर व्यक्तिगत निगरानी की व्यवस्था करने, गांडीव पोर्टल, बैंक खाते, सीसीटीवी, आईएमईआई और सोशल मीडिया विश्लेषण के माध्यम से त्वरित ट्रेसिंग सुनिश्चित करने तथा आईआईएफ-8 में अनिवार्य प्रविष्टि करने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराधों के मामलों में प्रत्येक शिकायत पर तत्काल जांच कर वर्कआउट करने और प्रत्येक थाने के साइबर प्रभारी को न्यूनतम पांच प्रकरण आवंटित कर गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करने को कहा गया।
मिशन शक्ति अभियान के तहत कोचिंग सेंटर, हॉस्टल और विद्यालयों के आसपास छेड़छाड़ या पीछा करने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जल पुलिस (Varanasi) को बिना लाइफ जैकेट नाव संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने और उल्लंघन की स्थिति में नाव जब्त करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही हॉस्टल, कोचिंग संस्थान, वित्तीय संस्थान, स्कूल और सर्राफा दुकानों पर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए नोटिस जारी कर अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

